Tuesday, December 7, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutमेरठ की आबोहवा में घुल रहा प्रदूषण का जहर

मेरठ की आबोहवा में घुल रहा प्रदूषण का जहर

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  • यूपी में एयर पॉल्यूशन के मामले में तीसरा सबसे प्रदूषित जिला है मेरठ, काले धुएं की चपेट में है पूरा प्रदेश
  • हवा में उड़ रहे धूल के कण लोगों के गले में उतर सांस की बढ़ा रहे समस्या
  • लगातार बढ़ रहा शहर का प्रदूषण का स्तर, सर्दी में हर वर्ष बढ़ जाता है प्रदूषण

मुसाहिद हुसैन |

मोदीपुरम: शहर की आबोहवा में प्रदूषण का जहर घुल रहा और इस ओर जहां जिम्मेदार बेखबर हैं, वहीं लोग भी लापरवाह बने हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रदूषण खटारा वाहनों एवं जनरेटरों के साथ ही सड़कों पर फैले रहने वाले कचरे से हो रहा है। वाहनों, जनरेटरों से निकलने वाले धुएं के अलावा शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था न होने से यह सभी चीजें आबोहवा में जहर घोलने का काम कर रही है।

घनी आबादी वाले शहर में अब प्रदूषण बढ़ने लगा है। सबसे ज्यादा प्रदूषण खटारा वाहनों एवं जनरेटरों से फैल रहा है। यह धुआं आबोहवा में घुल कर जहर का काम कर रहा है। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे खटारा वाहन हवा को खराब कर रहे हैं। पर जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही लोगोें के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। इसके अलावा शहर में कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं है। जिससे नाली के बाहर जमा रहने वाला कचरा तथा कचरा बाक्स में जमा रहने वाला कूड़ा भी प्रदूषण फैला रहा है। शहर में बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य को खतरा बनता जा रहा है।

मेरठ के एयर पॉल्यूशन का लेवल लगातार बिगड़ रहा है। यहां हर सांस में जहर है। हवा में उड़ रहे धूल के कण और गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन लोगों के गले में उतर सांस की समस्या बढ़ा रहे हैं। बुजुर्ग व बच्चों के लिए तो यह बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। मेरठ समेत पूरा प्रदेश काले धुएं की चपेट में है।

अक्टूबर के महीने में जैसे-जैसे सर्दी का एहसास बढ़ रहा है। वैसे-वैसे प्रदूषण की फिजा शहर को खराब कर रही है। पिछले काफी समय से शहर का प्रदूषण बेहतर और अच्छा चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है। वैसे ही प्रदूषण के स्तर में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

देहात क्षेत्रों में गन्ने के कोल्हू चलने के कारण भी प्रदूषण के स्तर में इजाफा हुआ है। हालांकि शहर के प्रदूषण की मॉनिटीरिंग तो की जा रही है, लेकिन देहात के प्रदूषण की मॉनिटीरिंग कैसे की जाए। इसका कोई फिलहाल पैमाना तो है नही। हालांकि प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा तमाम वायदे भी किए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह से शहर का प्रदूषण बढ़ रहा है।

उससे साफ नजर आने लगा है कि इस बार सर्दी के मौसम में शहर के प्रदूषण में लगातार इजाफा ही होगा। क्योंकि पिछले वर्ष जिस तरह से सर्दी के मौसम में प्रदूषण में इजाफा हुआ था। अगर उस पर नजर डाले तो लग रहा है कि इस बार हालात बेकाबू होंगे।

ये है स्थिति

शहर में प्रदूषण को मापने के लिए तीन स्थानों पर इक्यूमेंट लगा रखे है। अगर उन स्थानों के इक्यूमेंट पर नजर डाले तो हालात बेहद गंभीर है। पल्लवपुरम में प्रदूषण की हालात फिलहाल 206 चल रही है। गंगानगर में भी 206 के आसपास प्रदूषण चल रहा है। जयभीम नगर में 210 प्रदूषण का आंकड़ा है। मेरठ शहर में 208 इस समय प्रदूषण का स्तर चल रहा है।

वेस्ट यूपी में मेरठ का तीसरा स्थान

अगर हम मेरठ के अलावा आसपास के शहरों पर नजर डाले तो मेरठ शहर की स्थिति गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर के बाद तीसरे स्थान पर है। वेस्ट यूपी के शहरों में हालात प्रदूषण की बेहद खराब है, लेकिन मेरठ शहर के प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है।

सर्दी में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में प्रदूषण की रोकथाम करना बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में शहर की जनता को भी प्रदूषण की रोकथाम करने के लिए जागरूक रहना आवश्यक है।
-डा. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी

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