जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पेपर लीक कानून में संशोधन और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों नेता देश के अतीत हैं और उन्हें देश के भविष्य यानी Gen Z के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्र प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए एफआईआर दर्ज कर रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई करवा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “पीएम मोदी और अमित शाह, आप Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं, अब उन पर एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स हटवा रहे हैं।”
एंटी-पेपर लीक कानून पर विपक्ष का विरोध
राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के उस वीडियो संदेश के बाद आया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए सरकार के कदमों का जिक्र किया था। संसद ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन 2024 के एंटी-पेपर लीक कानून को और सख्त बनाता है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। राज्यसभा में विपक्षी इंडिया गठबंधन के वॉकआउट के बीच यह विधेयक ध्वनि मत से पारित हुआ।
पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई का पीएम का दावा
विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या ने पिछले कुछ वर्षों में छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक करने वाले गिरोहों और परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जा रही हैं और राज्यों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।

