Saturday, March 7, 2026
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तलाश

Ravivani 34

SURESH SUARABH

लाठी के पीछे का सिरा वह अंधा बूढ़ा पकड़ता, आगे का वह काली मटमैली बुढ़िया पकड़े हुए चलती। दोनों भीख मांगते। सारे शहर में वह दया के पात्र थे, लिहाजा उनकी झोली रोज भर जाया करती थी। एक दिन उसकी पार्टनर बुढ़िया मर गई। अब वह दूसरे शहर में चला गया। अब उसकी आंखों की ज्योति लौट आई। वह अकेले भीख मांगता, पर पहले जैसी आमदनी नहीं थी। अब वह पहले जैसी कर्मठ बुढ़िया की खोज कर रहा था और उसे अपने साथ, तीसरे शहर ले जाकर, अपना काम जमाना चाह रहा था।

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