- लेकिन, अधिशासी अभियंता नहीं बता पाए कि कितने गड्ढे अभी तक भरे गए
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक ओर जहां शासन की मंशा दीपावली से पूर्व प्रदेश भर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की है वहीं विभागीय अधिकारियों को यही नहीं पता कि उनके क्षेत्र में कौन-कौनसी सड़कों को अभी तक गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। विभागीय गुडवर्क बताने के नाम पर उनके पास आंकड़े तक मौजूद नहीं हैं। बताते चलें कि शासन ने गड्ढा मुक्ति से लेकर मरम्मत के अन्य कार्यों के लिए तिजोरी खोल दी है। इसके लिए एस्टीमेट तक मंगा लिए गए हैं।
दरअसल, चालू वित्तीय वर्ष (2023-24) में शासन ने प्रदेश भर की विभिन्न क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सेतुओं की मरम्मत के लिए प्राविधानित धनराशि के अंतर्गत धन का आवंटन किया है। पीडब्ल्यूडी सूत्रों के अनुसार सड़कों एवं सेतुओं के सुधार के लिए ‘अनुरक्षण एवं मरम्मत मद’ के अंतर्गत 73083.84 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। बताया जाता है कि विभिन्न शर्तों के साथ स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष शासन ने 36550.72 लाख रुपये की धनराशि का आवंटन भी कर दिया है।
पिछले माह जब लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ बैठक की थी तब उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कह दिया था कि दीपावली से पूर्व जनता को गड्ढा मुक्ति का तोहफा दें। इस संबध में जब अधिशासी अभियंता सतेन्द्र सिंह से गुडवर्क के नाम पर किए कार्यों की जानकारी मांगी गई तो वो पन्ने पलटने लगे। विभागीय गुडवर्क की कोई भी जानकारी अधिशासी अभियंता सतेन्द्र सिंह नहीं दे पाए।
सूची में मेरठ जिले की कई सड़कों के नाम
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश भर की जिन सड़कों पर मरम्मत होनी है। उनमें मेरठ जनपद के कई मार्ग हैं। इन मार्गों में मेरठ कैंट के अंतर्गत खड़ौली सम्पर्क मार्ग के अलावा मेरठ-पौड़ी मार्ग पर मीनाक्षीपुरम से लेकर मामेपुर व ललसाना होते हुए मोदीपुरम तक का मार्ग शामिल है।

इसके अलावा मेरठ दक्षिण क्षेत्र में परतापुर गंगोल मार्ग से इटायरा मार्ग के अलावा परतापुर के अन्य मार्ग भी शामिल हैं। इसके अलावा अल्लीपुर जिजमाना सम्पर्क मार्ग भी शामिल है। इसके अलावा किठौर, हस्तिनापुर, सरधना व सिवाल खास क्षेत्र की भी कई सड़कों के नाम शामिल हैं।
शासन से वार्ता पर पीडब्ल्यूडी कर्मियों का आंदोलन टला
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से शुरू होने वाला लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों का आन्दोलन फिलहाल टाल दिया गया है। बताया जाता है कि विभागीय कर्मचारी नेताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बनने के बाद आन्दोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हालांकि कर्मचारी नेताओं ने दो टूक चेतावनी भी दी है कि यदि बैठक में तय शर्तों के अनुसार उनकी मांगे पूरी न हुर्इं तो पीडब्ल्यूडी कर्मचारी पुन: आन्दोलन शुरू कर देंगे और यह आन्दोलन बेहद शॉर्ट नोटिस पर होगा।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले बुधवार से प्रदेश भर में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी अपने आन्दोलन की शुरुआत कर रहे थे। जबकि विभागीय उच्चाधिकारी चाह रहे थे कि आन्दोलन न हो। इसके चलते आन्दोलन करने वाले कर्मचारियों व विभागीय अधिकारियों में कई दौर की वार्ता चली जिसके बाद मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने आन्दोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी।
संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि तीन चरणों की विस्तृत वार्ता प्रमुख अभियंता स्तर पर हुई तथा एक चरण की वार्ता प्रमुख सचिव स्तर पर हुई है। इन्ही वार्ताओं में मिले आश्वासन को देखते हुए ही आन्दोलन स्थगित करने की घोषणा की गई। हालांकि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहेंगी तो कर्मचारी पुन: अपना आन्दोलन शुरू कर देंगे।

