जनवाणी ब्यरो |
नई दिल्ली: राघव चड्ढा को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। सूत्रों के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की खतरे की आशंका वाली रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। अब उन्हें दिल्ली और पंजाब में अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा मिलेगी।
इस बीच, कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि पंजाब सरकार ने पहले से दी गई उनकी Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय संसद में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाने के आरोपों के चलते लिया गया।
संसद में प्रदर्शन को लेकर AAP सख्त
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा पर संसद में निष्क्रियता का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि उनका प्रदर्शन पार्टी के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं रहा।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य अध्यक्ष अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह ढींगरा ने संयुक्त बयान जारी कर चड्ढा की चुप्पी को “निराशाजनक” बताया।
चीमा ने कहा कि कई महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दे संसद में नहीं उठाए गए, जिनमें ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये लंबित होना और करीब 60,000 करोड़ रुपये के जीएसटी नुकसान का मामला शामिल है। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत फंड की कमी और जीएसटी मुआवजे में बदलाव से हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया।
पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा का जवाब
हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से भी हटा दिया गया था। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “एक ही भाषा और एक जैसे आरोप बार-बार लगाए जा रहे हैं। पहले लगा जवाब न दूं, लेकिन झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच लगने लगता है।”
चड्ढा ने यह भी कहा कि संसद में उनकी मौजूदगी और गतिविधियों का सत्यापन सीसीटीवी फुटेज से किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाले प्रस्ताव पर AAP के किसी नेता ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। अंत में उन्होंने एक फिल्मी संवाद का जिक्र करते हुए कहा, “घायल हूं, इसीलिए घातक हूं।”

