जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभाला है। 2017 में राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड से भाजपा में आए पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री चुना गया। भाजपा और एनडीए की विधायक दल की बैठक में उनके नाम को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर अपनी विरासत सौंपी। आज सुबह 10:50 बजे लोकभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। साथ ही विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को भी शपथ दिलाई गई, जो जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाए गए। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सम्राट चौधरी का संदेश
भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा ने उन्हें जीवन में कई सेवा के अवसर दिए हैं। वे पिछले 30 वर्षों से राजनीतिक सक्रिय हैं, लेकिन 2015 से ही भाजपा से जुड़कर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी द्वारा दिए गए जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया। बिहार में एनडीए की सरकार बनने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री और बाद में गृह मंत्री बनने का अवसर मिला।
सम्राट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे पार्टी की विचारधारा और विकास के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें सुशासन और लोकतंत्र की अहमियत सिखाई है। वे प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ और नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के विज़न को साथ लेकर राज्य और देश को आगे बढ़ाएंगे।
डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव का संदेश
विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ काम करके उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और आगे भी उनकी कार्यशैली का अनुसरण करेंगे। बिजेंद्र यादव ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ मिलकर बेहतर काम करेंगे और सरकार को मजबूत बनाएंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बारे में
सम्राट चौधरी कुशवाहा जाति से हैं और दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ। उनके पिता विभिन्न दलों से विधायक, सांसद और मंत्री रह चुके हैं और समता पार्टी के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी, बाद में जदयू और हम से होते हुए भाजपा तक पहुंचे। उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ावों और दल परिवर्तनों से भरा रहा है। अब वे बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं।

