- पांच चीनी मिलों में की जाएगी गन्ने की आपूर्ति, मिल गेट से उठेगा गन्ना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल में पेराई बंद होने के बाद प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने आदेश दिये हैं कि मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के बंद रहने तक यहां के किसानों का गन्ना मवाना, किनौनी, मोदीनगर, नंगला मल, दौराला एवं खतौली चीनी मिल को आपूर्ति किया जाएगा।
यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। यह व्यवस्था तब तक चलेगी जब तक मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल सुचारू रूप से चालू नहीं हो जाता है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने बताया कि मवाना, मोदीनगर, नंगला मल, दौराला एवं खतौली के मिल महाप्रबंधकों के साथ मीटिंग हुई, जिसमें मौखिक सहमति मिल गई हैं। सहमति बनने के बाद ही ये आदेश दिए गए हैं।
चीनी मिल मवाना, किनौनी, दौराला, नंगला मल, दौराला एवं खतौली चीनी मिल मोहिउद्दीनपुर मिल गेट से गन्ना उठायेगा। पूर्व की भांति किसान मिल गेट व सेंटरों पर गन्ने आग लगने के हादसे के बाद से ही मोहिउद्दीपुर शुगर मिल में गन्ने की पैराई पूरी तरह से बंद हैं। किसानों के खेतों में गन्ने की छुलाई करने के बाद गन्ने का स्टॉक लगा हुआ हैं,

ऐसे में किसानों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा हैं। गन्ना आपूर्ति नहीं होने से किसान परेशान थे। हर रोज चीनी मिल में प्रदर्शन भी चल रहा हैं, जिसके चलते गन्ना विभाग के अधिकारियों के सिर में दर्द बना हुआ हैं। गन्ना आपूर्ति मंगलवार से चालू होने के बाद किसानों को राहत मिलेगी।
डीएपी सरकारी गोदाम से आउट, किसान परेशान
मेरठ: जनपद में फिर किसानों को डीएपी नहीं मिल रही हैं। भाकियू टिकैत के नेताओं ने ऐसे आरोप लगाये हैं। भाकियू नेता राजकुमार करनावल ने डीएम और कृषि अधिकारी से भी बातचीत की तथा किसानों को डीएपी दिलाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री राजकुमार करनावल ने डीएम दीपक मीणा व जिला गन्ना अधिकारी से बातचीत की तथा मांग की है कि जिले की सहकारी समितियों में डीएपी नहीं मिल रहा है।
किसान बड़ा परेशान है। वर्तमान में किसान गेहंू की बुवाई कर रहा हैं, जिसमें डीएपी की आवश्यकता होती हैं। समिति से डीएपी नहीं मिलने पर बाजार से ब्लैक में डीएपी किसान को खरीदनी पड़ रही हैं। किसान का शोषण हो रहा हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाजार से अधिक मूल्य पर डीएपी किसान खरीद रहा हैं।
उन्होंने कहा कि मेरठ में जल्द से जल्द डीएपी की मांग पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति व गन्ना समिति में डीएपी नहीं है, इसके लिए किसान बेचारा बाजार में घूम रहा है। गेहूं की बुवाई चल रही है। इसको लेकर के किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि मेरठ में तत्काल कैंप लगाकर किसानों को डीएपी दिलाई जाए।

