- आधार 2015 के आधार पर पंचायत में आरक्षण आवंटन
- 20 से 23 मार्च तक दर्ज की जा सकेंगी आपत्तियां
जनवाणी संवाददाता |
शामली: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नई आरक्षण नीति के तहत आधार वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानते हुए आरक्षण आवंटन की सूची का प्रकाशन शनिवार को किया जाएगा। नई आरक्षण आवंटन सूची आने से पहले ही उन संभावित प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनें तेज हो गई हैं, जो गत दो मार्च को जारी आरक्षण सूची के बाद खुश नजर आ रहे थे। इसके पीछे अधिकांश जिला पंचायत वार्ड के साथ-साथ ग्राम प्रधान के पदों में बदलाव देखने को मिलेगा।
इलाहाबााद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की दो सदस्यीय बैच द्वारा पांच दिन पहले प्रदेश सरकार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 1995 के आधार वर्ष झटका दिया गया था। साथ ही, वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानते हुए आरक्षण आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर आरक्षण के आवंटन एवं प्रकाशन के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में 2015 को आधार वर्ष मानते हुए आरक्षण आवंटन की प्रक्रिया को हरी झंडी दी थी। नए शासनादेश के अनुसार सरकार ने नई आरक्षण नीति के अनुसार जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य के लिए आरक्षण आवंटन एवं सूची के प्रकाशन का कार्यक्रम जारी कर दिया था।
जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि 18 से 19 मार्च को जिला स्तर पर आरक्षित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का आवंटन और जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत सदस्य के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के आरक्षण व आवंटन का प्रस्ताव जिलाधिकारी द्वारा तैयार कर लिया गया है।
डीपीआरओ ने संभावना जताई कि शनिवार को नई आरक्षण नीति के तहत आरक्षण आवंटन की सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इसके बाद 20 से 23 मार्च तक प्रस्तावित सूची पर दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उसके बाद 24 से 25 मार्च तक आपत्तियों का जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में संकलन और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण, निस्तारण व अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद आगामी 26 मार्च को जिलाधिकारी द्वारा आरक्षित ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख के पदों का आवंटन, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत सदस्य पदों के वार्डों के आरक्षण व आवंटन की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
दूसरी ओर, सूत्रों का दावा है कि गत 2 मार्च को आवंटित और प्रकाशित आरक्षण सूची में आधार वर्ष 2015 को मानकर तैयार की गई आरक्षण आवंटन सूची में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इनमें जिला पंचायत वार्ड से लेकर ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के वार्ड शामिल हैं।

