Wednesday, February 21, 2024
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गरीबों के निवाले पर डाका, डीएम सख्त

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  • एफसीआई के गोदाम से निकला खाद्यान्न करीब 2000 कुंतल हो गया कम
  • सोमवार को डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का दिया आश्वासन
  • डीएम साहब! आपूर्ति विभाग में बड़ा घोटाला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सोमवार को एक युवक डीएम के कार्यालय में पहुंचा। उसने एक शिकायती पत्र आपूर्ति विभाग से संबंधित डीएम को सौंपा। आरोप लगाया कि आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से गरीबों के निवाले, सरकारी खाद्यान्न को बाजार में बेचा जा रहा है। जिसमें मवाना तहसील क्षेत्र की राशन एजेंसी पर पहुंचने वाला राशन परतापुर के एफसीआई गोदाम से सीधे गाजियाबाद भेज दिया गया,वहीं पर बेच दिया गया।

करीब 1900 से 2000 कुंतल गेहूं बाजार में बेचा गया, जोकि राशन एजेंसी से सीधा गरीबों में वितरित होना था। डीएम ने उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया। कुलदीप नाम के व्यक्ति ने शिकायती पत्र सोमवार को डीएम को सौंपा। आरोप लगाया कि आपूर्ति विभाग के अधिकारी कि मिलीभगत से सरकारी खाद्यान्न को राशन एजेंसी तक पहुंचाने की बजाय बाजार में बेचा जा रहा है।

शिकायती पत्र पर संज्ञान लेते हुए डीएम दीपक मीणा ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच आपूर्ति विभाग के अधिकारी से न कराकर एडीएम या उनके समकक्ष अधिकारी से कराने की मांग की है। आरोप लगाया है कि खाद्यान्न परतापुर के एफसीआई गोदाम से 5 से 9 मार्च के बीच मवाना के लिये विभिन्न वाहनों में लादकर भेजा गया था,

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जोकि 12 मार्च तक भी वह खाद्यान्न मवाना के कोटेदारों के स्टोरेज तक नहीं पहुंच सका। जब कोटेदारों ने उसकी जानकारी आपूर्ति विभाग से की तो उन्हे जानकारी हुई कि जिसे यह खाद्यान्न कोटेदारों के यहां तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने 1900 से करीब 2000 कुंतल खाद्यान्न बाजार में बेच दिया। जानकारी की गई तो पता चला कि दो ट्रकों में लदी खाद्य सामग्री जोकि मवाना में भेजी जानी थी। वह गाजियाबाद में बेच दी गई। उसका पता जिन गाड़ी में खाद्यान्न भरकर भेजा जाता है,

उनमें जीपीएस लगा था। उसकी लोकेशन से ही यह सब खुलासा होना शिकायतकर्ता ने डीएम से बताया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब मामले का खुलासा हुआ तो आगामी खाद्यान्न की सप्लाई में से उसकी भरपाई के लिये आपूर्ति विभाग से मिलीभगत कर शुरू कर दिया गया। ताकि जो खाद्यान्न बेच दिया गया है। आरोप है कि उसकी पूर्ति जांच के दौरान कैसे दिखाई जाये। उसके लिये 5 कुंतल प्रति कोटेदार को कम देना शुरू कर दिया गया।

नाली की मरम्मत कराकर नए निर्माण का करा दिया भुगतान

बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से लेकर सभी सक्षम अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें नगर निगम के अधिकारियों द्वारा मरम्मत के काम को नई नाली निर्माण दर्शाकर आर्थिक अनियमितता करने का आरोप लगाया गया है।

नगर आयुक्त को संबोधित पत्र में पुनीत शर्मा ने अपने पास प्रमाण मौजूद होने का दावा करते हुए कहा कि नगर निगम मेरठ में कुछ कार्य अनैतिक किए जा रहे हैं, जिसकी सूचना उनको स्पीड पोस्ट के जरिये मिली है। जिसके लिए दो उदाहरण देते हुए कहा गया कि इनमें नालियों की सिर्फ मरम्मत हुई है और उनका भुगतान पूर्ण रूप से नई नाली में दे दिया गया है।

पहली माप पुस्तिका नंबर 4838 के पेज नंबर 5 पर जो आइटम नंबर (6) है का इस कार्य में नई नाली के रूप में फर्जी भुगतान किया गया है क्योंकि उक्त कार्य में जो माप है सत्यापित करने पर माप पुस्तिका के अनुसार नहीं मिलेगी क्योकि माप फर्जी है। जबकि दूसरी माप पुस्तिका नंबर 4725 के पेज नंबर 4 पर जो आइटम नंबर (5) है, का इस कार्य में नई नाली के रूप में फर्जी भुगतान किया गया है। क्योंकि उक्त माप की जांच करोगे तो माप पुस्तिका के अनुसार कार्य नहीं निकलेगा।

मांग की गई कि इनकी जांच नगर आयुक्त अपने सामने कराए जिससे अवर अभियंता का काला लेखा सामने आ सके। साथ ही स्थानीय लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं। जिससे यह बात सामने आएगी कि मौके पर क्या काम ठेकेदारों से कराया गया है। आरोप लगाया गया कि अवर अभियंता ने अपने वार्ड के ज्यादातर कामों में नालियों को मरम्मत करा माप पुस्तिका में एकदम नई नाली की मापे चढ़ाकर नगर निगम को अब तक करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पुनीत शर्मा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और खुली जांच कराए जाने की मांग की है।

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