Sunday, July 21, 2024
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यूक्रेन के बाद स्वीडन और फिनलैंड को रूस ने दी चेतावनी

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: यूक्रेन पर हमलावर रूस ने अब स्वीडन और फिनलैंड को चेतावनी जारी की है। रूस ने कहा है कि अगर दोनों देश नाटो में शामिल होते हैं, तो उनका अंजाम भी यूक्रेन की तरह भयानक होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से स्वीडन और फिनलैंड से कहा गया है कि, वे नाटो में न शामिल हों। अगर ऐसा होता है तो इसके परिणाम बहुत ही भयानक होंगे। क्रेमलिन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव में घुस चुकी है और कब्जे की जंग अंतिम चरणों में है।

निर्णायक मोड़ पर कीव की जंग

रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की को सत्ता से बेदखल करने के लिए जंग और भी तेज कर दी है। खबर है कि, रूस के पैराट्रूपर्स कीव में दाखिल हो चुके हैं। इस बीच रूस की ओर से वार्ता के लिए प्रतिनिधमंडल भेजने की भी बात सामने आई है। स्पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की के साथ वार्ता के लिए पुतिन जल्द ही अपना प्रतिनिधमंडल भी भेज सकते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के अनुसार, विदेश मंत्रालय, रक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों सहित एक रूसी राजनयिक प्रतिनिधिमंडल को यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए मिन्स्क भेजा जा सकता है। यह बयान तब आया है जब रूस की ओर से अपील की गई थी कि यूक्रेन आत्मसमर्पण के लिए तैयार हो तो वह वार्ता के लिए तैयार हैं। हालांकि, यूक्रेन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

जेलेंस्की ने की आम जनता से अपील

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि आज की रात बाकी सभी दिनों से मुश्किल होगी। हमारे देश के कई शहर हमले का सामना कर रहे हैं। शेरनिहिव, सुमी, खारकीव, डोनबास, देश के दक्षिण में मौजूद शहर भी। लेकिन हम अपनी राजधानी कीव को नहीं गंवा सकते।

भारत- चीन ने यूएनएससी में मतदान से खुद को रखा दूर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और अल्बानिया द्वारा पेश किए गए मसौदा प्रस्ताव पर मतदान किया गया। इसमें रूसी आक्रामकता, हमला और यूक्रेनी संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की गई। इसके साथ ही इस प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई। रूसी हमले को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का उल्लंघन बताया गया।

हालांकि, यूएनएससी में भारतीय समयानुसार शनिवार तड़के पेश हुए प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भारत और चीन ने खुद को वोटिंग से दूर कर लिया। दोनों ने ही दूसरे देश की संप्रभुता का सम्मान करने और यूएन चार्टर को महत्ता को बताते हुए बातचीत की ओर लौटने की बात कही। संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव यूक्रेन के दोनेस्क और लुहांस्क क्षेत्रों में कुछ इलाकों को स्वतंत्र राज्यों के रूप में मान्यता देने के फैसले को भी तुरंत पलटने का आह्वान करता है।

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