- रिजल्ट मिलने के एक माह बाद शुरू हुआ नया सत्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सीबीएसई, आईसीएसई व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का नया सत्र शनिवार से शुरु हो गया है। नई कक्षाओं में पहुंचकर जहां बच्चों ने पहले दिन दोस्तों से मिलकर जमकर अठखेलियां की और कुछ स्कूलों में उपस्थिति भी कम दर्ज की गई। अधिकांश स्कूलों में पहले दिन हवन कराया गया। वहीं उन अभिभावकों में काफी उत्साह देखने को मिला जिनके बच्चों ने पहली बार स्कूल में कदम रखा। ऐसे अभिभावक स्कूल शुरु होने से पहले ही गेट पर पहुंच गए थे
और अवकाश होने से 15 मिनट पहले गेट के बाहर बच्चों को लेने के लिए प्रतिक्षा करते नजर आए। इतना ही नहीं बच्चों के साथ कई अभिभावक सेल्फी भी लेते नजर आए। कुछ स्कूलों में शनिवार से नर्सरी कक्षाएं शुरु हुई है तो कुछ में सोमवार से शुरु हो रही हैं, जिसकों लेकर स्कूलों की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों का शिक्षकों ने फूल देकर स्वागत किया। वहीं कुछ बच्चे पहले दिन स्कूल आकर रोने लगे तो शिक्षक और शिक्षिकाओं ने उनका कविताएं व कहानियां सुनाकर मनोरंजन किया।
स्कूलों की मिलीभगत से यूनिफार्म में जमकर चलता है कमीशन का खेल
नए सत्र के साथ ही अभिभावकों की जेब पर बोझ पड़ने की शुरुआत हो जाती है। खासतौर पर अप्रैल अभिभावकों की जेब पर सबसे अधिक भारी होता है। इसी माह में कॉपी, किताब, वार्षिक शुल्क के साथ ही यूनिफार्म व अन्य खर्च का बोझ भी पड़ता है। इसमें भी स्कूलों और दुकानदारों की मिलीभगत के कारण अभिभावकों को सबसे अधिक समस्या होती है। खास बात यह है कि हर स्कूल की यूनिफार्म शहर के अलग-अलग चुनिंदा दुकान पर ही मिलती है।
ऐसे में मजबूरी में अभिभावकों को इन्हीं दुकानों से बच्चों की यूनिफार्म लेना पड़ता है। स्कूलों में बच्चों के दाखिले के साथ ही यूनिफार्म पर खर्च भी बड़ा होता है। इसमें भी स्कूलों की तरफ से बताई गई दुकानों पर ही यूनिफार्म मिलती है, जोकि अक्सर खराब गुणवत्ता की होती है। इससे गर्मी और जाड़े के मौसम में बच्चों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही अभिभावकों को इस यूनिफार्म के लिए बाजार भाव से अधिक कीमत भी इन दुकानदारों को देनी पड़ती है।
हालत यह है कि स्कूलों के द्वारा चुनी गईं दुकानों में टेरीकॉट से बनी नर्सरी के बच्चों की शर्ट की कीमत 255 रुपये है। इससे बड़े बच्चों की शर्ट की कीमत 350 रुपये से अधिक है। वहीं, दूसरी ओर बाजार में इसी गुणवत्ता की शर्ट इससे काफी कम दाम में उपलब्ध है। इसी प्रकार पैंट की कीमत भी अच्छी क्वालिटी के कपड़ों से अधिक है। इनमें भी प्रत्येक स्कूल की यूनिफार्म की कीमत भी अलग-अलग होती है। हालांकि कपड़ों की गुणवत्ता एक जैसी ही होती है। इन चुने हुए दुकानों के अलावा यूनिफार्म किसी अन्य दुकान पर नहीं मिलते हैं। ऐसे में अभिभावकों के पास किसी भी प्रकार का कोई विकल्प नहीं होती है।

