Saturday, April 25, 2026
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सीक्रेट इनपुट, गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट

  • पुलिस के रडार पर शहर के ज्यादातर होटलों में ठहरने वाले आउटर
  • पिछले सप्ताह एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने पकड़े थे आईएसआई के एजेंट
  • काली पलटन मंदिर की बढ़ाई सुरक्षा, खानाबदोशों को खदेड़ा
  • सेना की गश्त, अफसर आवासों, सैन्य प्रतिष्ठानों पर कड़ी सुरक्षा
  • सिटी, कैंट स्टेशन पर उतरने वालों पर रखी जा रही कड़ी नजर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गणतंत्र दिवस से करीब एक सप्ताह पूर्व एसटीएफ की मेरठ यूनिट द्वारा दबोचे के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के गुर्गों का दबोचा जाना और उसके बाद गणतंत्र से पहले एकाएक हाईअलर्ट यह केवल संयोग नहीं माना जा सकता। इसके निहितार्थ तलाशें जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर गणतंत्र से पहले गृह विभाग के कड़ी चौकसी के निर्देशों के चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है,

लेकिन सबसे ज्यादा कड़ी सुरक्षा कैंट क्षेत्र में नजर आती है। हालांकि अफसर इसको रिवायत बता रहे हैं, लेकिन पूर्व के सालों में गणतंत्र पर जो सुरक्षा इंतजाम किए जाते थे, उससे इतर इस बार कुछ ज्यादा ही चौकसी दिखाई दे रही है। हालांकि गणतंत्र दिवस दो दिन बात है।

चौकसी की हिदायत

गणतंत्र दिवस को लेकर गृह विभाग ने तमाम सार्वजनिक स्थलों खासतौर से भीड़ वाले स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व चौकसी की हिदायत दी है। इनमें सबसे ज्यादा बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों पर सख्ती व चेकिंग किए जाने की सलाह पुलिस व प्रशासन के अफसरों को दी गयी है। गृह विभाग के चौकसी के निर्देश क बाद स्थानीय स्तर पर भी अफसरों ने सर्किल व थाना स्तर पर चौकसी के निर्देश दिए हैं।

खानाबदोशों को खदेड़ा

महानगर के जिन इलाकों में खानाबदोश डेरा डाले हैं, उन्हें भी खदेड़ा जा रहा है। सूत्रों ने जानकारी दी कि तीन दिन के लिए खानाबदोशों को महानगर से बाहर किए जाने की हिदायत दी गयी है। साथ ही उन पर नजर रखे जाने को कहा गया है। कैंट के काली पलटन मंदिर मार्ग पर जो खानाबदोश पड़े रहते थे, उन्हें भी हटा दिया गया है।

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मंदिर के आसपास का पूरा इलाका खाली करा लिया गया है। नागरिक इलाकों से सटे कैंट के तमाम स्थानों पर भी सेना अलर्ट नजर आती है। जानकारों के अनुसार यूं तो हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर सेना अलर्ट पर रहती है। ऐसा दिल्ली से सटे एनसीआर के कुछ शहरों के आतंकियों के स्लीपर सेल का ठिकाना होने के चलते किया जाता है।

स्टेशन पर उतरने वालों पर नजर

कैंट स्टेशन के आसपास सेना के कई बेहद महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान होने के चलते वहां भी चौकसी बरती जा रही है। कैंट स्टेशन पर उतरने वालों पर भी सेना के सतर्क जवान निकाहें रखे हुए हैं। यहां 24 घंटे सेना की क्विक रिएक्शन टीम की तैनाती देखी जा सकती है। इसके अलावा नागरिक क्षेत्रों से मिलने वाले कैंट के एरिया में भी सेना अलर्ट पर है। इन इलाकों में फौजियों को मुस्तैद देखा जा सकता है। सबसे ज्यादा चौकसी साउथ एंड के सेना के आवासीय क्वार्टरों को लिंक करने वाले रास्ते तथा सिटी स्टेशन से रैम डिविजन व रोहटा रोड से रैम डिविजन की ओर आने वाले रास्तों पर देखी जा रही है।

भगत स्कवायर पर भी 24 घंटे सेना के जवान व सेना पुलिस मुस्तैद है। माल रोड, सर्कुलर रोड, रेस रोड, बीसी लाइन, बीआई लाइन, आरवीसी आदि तमाम इलाकों सेना की गश्त है। भगत स्कवायर सरीखे महत्वपूर्ण स्थानों पर वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है। गांधी बाग ओर उसके आसपास के इलाके जो माल रोड की तरफ से जुड़ते हैं। वहां भी सेना की सतर्क निगाहें आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं।

  • बरती जा है सख्ती

गणतंत्र दिवस पर अहतियात के तौर पर दिल्ली एनसीआर में हमेशा ही चौकसी व सख्ती बरती जाती है। सुरक्षा एजेंसियां इस मौके पर तालमेल बनाकर काम करती हैं। एक-दूसरे को सूचना भी शेयर की जाती हैं। -आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी, मेरठ

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