नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। आज सोमवती अमावस्या का पावन दिन है। इसके साथ ही आज अधिक मास का अंतिम दिन भी माना जा रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि अमावस्या, सोमवार और अन्य शुभ योगों का एक साथ संयोग बन रहा है। इसी कारण इसे अत्यंत दुर्लभ और पुण्यकारी दिन बताया जा रहा है।
अमावस्या तिथि कब तक रहेगी
पंचांग के अनुसार, आज यानी 15 जून को ज्येष्ठ मास की अधिकमास अमावस्या तिथि सुबह 08 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी और इसी के साथ अधिक मास का समापन भी हो जाएगा। इस अवधि में मिथुन संक्रांति, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी संयोग बताया गया है।
सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
अमावस्या तिथि को पितरों के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन तर्पण, श्राद्ध, स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। सोमवार होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा से किए गए पूजा-पाठ और दान से पितृ दोष से राहत मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
क्यों माना जाता है यह दिन विशेष
जब सोमवार और अमावस्या एक साथ आते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
सोमवती अमावस्या पर क्या करें
- सुबह स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें
- शिवलिंग पर जल, दूध और बिल्वपत्र अर्पित करें
- भगवान विष्णु की पूजा कर तुलसी और पीले फूल चढ़ाएं
- पीपल के वृक्ष की पूजा कर दीपक जलाएं
- गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें
पुण्यकाल का समय
पंचांग के अनुसार आज सुबह 08 बजकर 23 मिनट तक विशेष पुण्यकाल रहेगा। इस दौरान स्नान, पूजा, जप और दान को अत्यंत फलदायी माना गया है।

