Tuesday, May 21, 2024
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किसान सेवा केन्द्र को गन्ना क्लीनिक बनाने की प्रक्रिया तेज

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  • गन्ना किसानों को बीज खाद, उर्वरक, रोग उपचार, कीटों के निदान की मिलेगी जानकारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गन्ना समितियों के माध्यम से संचालित किए जा रहे किसान सुविधा केन्द्र को अब गन्ना क्लीनिक बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जहां गन्ना किसानों को बीज खाद, उर्वरक, गन्ना रोग, कीटों के निदान व उपचार की जानकारी दी जाएगी। मेरठ परिक्षेत्र की 16 गन्ना सहकारी समितियों में यह गन्ना क्लीनिक चरणबद्ध तरीके से बनाएं जाएंगे। इस बीच मेरठ जनपद की सभी छह समितियों में स्थान चयनित करके गन्ना क्लीनिक बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार के अनुसार गन्ना विकास परिषदों, सहकारी गन्ना विकास समितियों, चीनी मिल गेट तथा अन्य स्थानों पर गन्ना क्लीनिक बनाने के संबंध में एक माह पूर्व लखनऊ स्तर से आदेश जारी किए गए हैं। जिनके अनुपालन में मेरठ जनपद की सभी छह गन्ना समितियों में स्थान चयनित करके गन्ना क्लीनिक बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि आगामी पेराई सत्र तक सभी गन्ना क्लीनिक काम करने लगेंगे।

गन्ना विकास परिषदों के परिषद, गोदामों, सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं चीनी मिलों के स्तर से मिल गेट अथवा मिल क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न स्थलों पर जाकर निकटवर्ती गन्ना किसान सुविधा केन्द्र क्रियाशील हैं। जहां गन्ना किसान अपनी गन्ना फसल की सुरक्षा के दृष्टिगत उनके उपचार के लिए कीटनाशक दवाओं तथा रसायनों आदि की जानकारी एवं खरीद इत्यादि करते हैं। दूसरी ओर आरपीओ डा. बीके गोयल ने बताया कि गन्ना किसानों की सुविधा के लिए विभिन्न गन्ना समितियों, चीनी मिलों की ओर से संचालित सुविधा केन्द्रों को गन्ना क्लीनिक के रूप में विकसित करने के निर्देश के अनुपालन में मेरठ परिक्षेत्र की सभी समितियों में काम तेजी से किया जा रहा है।

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उन्होंने इस संबंध में मिल रही जानकारी के हवाले से दावा किया कि आगामी पेराई सत्र से पूर्व सभी गन्ना क्लीनिक शुरू होने की उम्मीद है। जहां गन्ना किसानों को बीज खाद, उर्वरक, रोग उपचार सम्बन्धी रोग, कीटों के निदान व उपचार के बारे में उपायों आदि की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। मेरठ परिक्षेत्र में मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, मथुरा, अलीगढ़ जिलों के अंतर्गत 16 चीनी मिल, 17 परिषद और 16 समितियां आती हैं। इनमें पहले चरण के दौरान 16 समितियों में गन्ना क्लिनिक बनाए जाने का काम इन दिनों किया जा रहा है। हर गन्ना क्लीनिक पर एक गन्ना सुपरवाइजर किसानों की सेवा में तैनात किए जाएंगे।

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