Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

Tag: रविवाणी

खत्म हो गई देसी खिलौनों की दुनिया

अमरपाल सिंह वर्मा पंजाब के एक छोटे से कस्बे धनौला में पारंपरिक रूप से लकड़ी के खिलौने बनाने वाले सैकड़ों कारीगरों की आर्थिक बदहाली परेशान...

यादों में पुराने चिरागों की रोशनी

जवाहर चौधरी मुझे अपने बचपन की याद है पिता के साथ जाकर हम पटाखे खरीद लाए। पिताजी ने खुशी-खुशी में ढेर सारे पटाखे दिलवा दिए।...

सामाजिक समरसता को भी बढ़ाता है दीपावली

नृपेन्द्र अभिषेक नृप दीपावली के इस अवसर पर हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम समाज में व्याप्त असमानताओं और भेदभाव को समाप्त करने के...

शाकाहार समर्थक को नोबेल पुरस्कार

हेमलता म्हस्के नोबेल पुरस्कार समिति ने पहली बार पशुओं की क्रूरता के खिलाफ अपने लेखन में आवाज बुलंद करने और अहिंसा के सौंदर्य की वकालत...

पेड़ की रस्म तेरहवीं से क्या हासिल होगा?

रोहित कौशिक हमारी संस्कृति में प्रारम्भ से ही वृक्षों की पूजा करने की परम्परा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि एक तरफ यह समाज...

दंगे की आग में क्यों झुलसा बहराइच?

कृष्ण प्रताप सिंह भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं कि जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तो...
spot_imgspot_img

Popular articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...