Wednesday, May 6, 2026
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Tag: रविवाणी

असुरक्षित जीवन जीने की मजबूरी

  वर्तमान दौर में भारतीय असुरक्षित जीवन जीने और हादसों के प्रति असंवेदनशील हो गए हैं। तभी तो आए दिन देश के किसी न किसी...

कविता में बांध प्रभावित

  राकेश दीवान प्रेमशंकर रघुवंशी की लंबी कविता ‘डूबकर डूबा नहीं हरसूद’ का पहला पाठ करते हुए विक्रम सेठ की बरसों पहले (1991 में प्रकाशित) पढ़ी...

पेड़ लगाने भर से नहीं बचेगा पर्यावरण

  1973 से साल-दर-साल जारी ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के समारोहों और इसी मौके पर प्लॉस्टिक की पन्नी बीनने या पौधारोपण को याद करने जैसे टोटकों...

चार धाम यात्रा के लिए सुगमता जरूरी

  चार धाम की पवित्र यात्रा के लिए देशभर से श्रद्धालु उत्तराखंड जाते हैं। हर वर्ष की भांति इस बार रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंच रहे...

समय के सवालों से मुठभेड़ करता विमर्श!

  समकाल के नेपथ्य की ध्वनियों को ध्यान से सुनिए। आपको बहुत कुछ सुनाई देगा। अक्सर ये ध्वनियां मुख्य प्रतिध्वनियों में शामिल नहीं होतीं या...

विता और नृत्य का समन्यव

पुणे : कविता और नृत्य के साझा प्रयोजन और संबंधों के प्रयोगों ने कला के क्षेत्र में हमेशा ही नवीन विचारों और दर्शन को...
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संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...