Wednesday, May 6, 2026
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Tag: रविवाणी

महज वातावरण की नहीं, ये अंत:करण की कहानियां हैं!

वरिष्ठ कथाकार और पत्रकार मधुसूदन आनन्द का मानना है कि कहानियों से क्रांति नहीं होती। कहानियां वह जमीन तैयार करती है, जिसपर चलकर आप...

राज जाएगा तो राजरोग भी चला जाएगा?

कोई कह सकता है कि राज जाने का मतलब, किसी व्यक्ति या दल का सरकार से हट जाना हो है। आजकल प्रयास भी यही...

बदहाली की एक और वजह बाल विवाह

बाल-विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, अपितु यह देश के आर्थिक विकास को भी प्रभावित करता है। आर्थिक विकास के विश्लेषण के लिए ऐतिहासिक,...

राजदंड से सजाया गया लोकतंत्र

सब कुछ नया हो गया! संसद भवन भी नया हो गया; लोकतंत्र भी नया हो गया; समयके ललाट पर अमिट हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री ने...

सावित्रीबाई फुले को अतीत में नहीं वर्तमान में देखने की जरूरत

शिक्षा समाज के जागरण में मुख्य भूमिका निभाती है। वास्तव में शिक्षा किसी भी देश या समाज के विकास का आधारभूत ढांचा होता है।...

पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली पर हो जोर

कि जैसे-जैसे जीवन और आजीविका के साधन घटते जाएंगे, रार बढ़ती जाएगी। आज, महंगाई पर रार है; कल को भूमि, पानी, बिजली जैसे संसाधनों...
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जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: बुधवार को घरेलू शेयर बाजार...

Saharanpur News: सहारनपुर में सघन पैदल गश्त, बाजारों व संवेदनशील इलाकों में पुलिस की बढ़ी सक्रियता

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: सहारनपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए...