Tuesday, May 5, 2026
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Tag: रविवाणी

खाना बनाना ही नहीं खाना परोसना भी एक कला है

शिखा चौधरी | जिस तरह से खाना बनाना एक कला है, उसी तरह से खाना परोसना भी एक कला है। कभी-कभी स्वादिष्ट खाना यदि सलीके...

काव्य

बरसों बाद, फिर से प्रवेश किया है-मैंने बीते समय के कुछ पलों की उपस्थिति मेरी डायरी में दर्ज है एक खिड़की में ठहरी हुई है-धूप एक चौखट में ठहरी हुई...

उजाले की पहल कौन करे…

डूब रहा है अपना अरमान साहिल बनने की पहल कौन करे? मरते रहे एक होने के लिए एक होने की पहल कौन करे? दुश्मन बने हैं एक-दूसरे के...

कुछ बातें समझाएं बेटी को

नीतू गुप्ता | बेटियों को कुछ अलग से शिक्षा देना जरूरी होता है क्योंकि बेटियां दो परिवारों (मायका और ससुराल) को जोड़ने का काम करती...

सच्चाई के पक्ष में खड़ी कविताएं

आज कविता लिखने में जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई जा रही है, वह कविता को एक अजीब सी प्रतिस्पर्धा में धकेल रही है। इस...

पिताजी

मैं आज जो कुछ भी हूं, केवल और केवल अपने उस पिताजी की वजह से हूं, जिन्होंने अपनी दो सगी बेटियां होने के बावजूद...
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कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

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मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...