Wednesday, July 22, 2026
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Tag: under the tree

कर्म सुख

    एक राजा थे। जब राजकाज करते हुए बहुत समय हो गया तो वह ऊब गए। अब वह राजकाज से मुक्ति चाहते थे। एक दिन...

जैसी नीयत, वैसी मुराद

  हम अपनी सोच का दायरा जब तक नहीं बदलेंगे, तब तक सुखी नहीं रह सकते, दुख और कष्ट हमें सताते ही रहेंगे। अपने कल्पवृक्ष...
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