- कमिश्नरी पर गरजे शिक्षक, तीन सूत्रीय मांग पत्र, मुख्यमंत्री के नाम एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
- अटेवा पेंशन बचाओं मंच ने दिया समर्थन, संगठन ने पूर्व में दिल्ली के मैदान पर किया था बड़ा आंदोलन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार को कमिश्नरी चौराहे स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर काफी संख्या में शिक्षक व शिक्षक संघ के पदाधिकारी पहुंचे। जहां उन्होंने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम डीएम के माध्यम से एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा है। संघ के जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा ने बताया कि शिक्षक संघ लंबे समय से सरकार से पेंशन बहाली की मांग करते आ रहे हैं।
लेकिन, सरकारें उनकी सुनने को तैयार नहीं है। इसके चलते पूर्व में भी शिक्षक संघ दिल्ली के मैदान में पेंशन बाहली की मांग कर चुके हैं। बताया कि सोमवार को संघ के आह्वान पर काफी संख्या में पदाधिकारी व संघ के पदाधिकारी कमिश्नरी चौराहे स्थित पार्क में एकत्रित हुए है। जहां उन्होंने सरकार से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 की वापसी और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 को पुर्नस्थापित कर धारा-21, 18 व 12 की सेवा सुरक्षा तथा सेवा शर्तों को बहाल करने की मांग रखी।
उसके बाद वे डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने एडीएम बृजेश कुमार को मांग पत्र सौंपा। साथ ही पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग और मानदेय व आउटसोर्सिंग नियुक्तियों व जन शिक्षा व्यवस्था के निजीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए मााध्यमिक विद्यालयों को सरकारी किए जाने की मांग करते हुए सरकार से मांग की है कि वह उनके प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर उनकी शर्तों को माने।

इस दौरान धरने में काफी संख्या में शिक्षक व संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान डा. उमेश त्यागी, डा. प्रेम कुमार शर्मा, मितियानंद, विजेंद्र ध्यानी, राजवीर राठी, हरिश कुमार मीडिया प्रभारी, संजय शर्मा, मुनीराम, डीएन यादव, वरुण शर्मा आदि सहित काफी संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्या एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अटेवा पेंशन बचाओं मंच ने दिया धरने को समर्थ
जिलाध्यक्ष ने बताया कि अटेवा पेंशन बचाओं मंच ने उनके धरने को समर्थन दिया है। जहां उन्होंने पूर्व में दिल्ली से धरना देते हुए शिक्षकों की उक्त मांग को लेकर लाखों की संख्या में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया था। आरोप है कि सरकार उनकी मांग को लेकर गंभीर नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने मांगों को मनवाने तक शिक्षक इस तरह के आंदोलन करते रहेंगे। कहा कि अटेववा मंच के काफी संख्या में पदाधिकारी उक्त धरने में शामिल हुए है।

