Tuesday, June 18, 2024
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‘वायरस’ ​की गिरफ्तारी ने खोले खौफनाक राज, पढ़कर हैरान रह जायेंगे

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: देश में कई ऐसे खौफनाक अपराधी हैं जो आज जेल की चार दीवारी में बंद हैं। इनके गुनाह की कहानी हैवानियत और दरिंदगी से भरी हुई है। साल 2019 में ऐसा ही एक दरिंदा अपराधी राजस्थान पुलिस की गिरफ्त में आया, जिसकी सच्चाई सामने आई वो वह प्रदेश का सबसे बड़ा सीरियल रेपिस्ट बन गया।

इस खूंखार सीरियल रेपिस्ट का रियल नाम सिकंदर है, लेकिन इसके गुनाहों ने इसे नए नाम दिए ‘जीवाणु उर्फ वायरस’। अपने नाम की तरह इसने सच में कई मासूम बच्चियों को ऐसा वायरस दे दिया जो उनके लिए जिंदा मौत की तरह है।

12 साल की उम्र में पहली बार अपराध

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12 साल की उम्र में पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले सिकंदर उर्फ वायरस ने 19 साल में 65 से ज्यादा दुष्कर्म, सेक्शुअल हैरेसमेंट और हत्याएं की हैं। इसके अलावा उस पर चोरी, लूट, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन केस भी दर्ज हैं। आरोपी जीवणु उर्फ वायरस को दो बार उम्र कैद की सजा हो चुकी है। कई पीड़ित परिवार अदालत से उसे फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

37 साल का सिकंदर बचपन से ही क्रिमिनल माइंड का था। मां की मौत के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी की और उसे घर से निकाल दिया। उस समय उसकी उम्र महज 12 साल थी। इसी उम्र में उसने पहली चोरी की और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। वह शराब, स्मैक सहित अन्य नशे करने लगा और अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता रहा। पकड़े जाने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जहां, उसका यौन शोषण हुआ।

जमानत पर जेल से छूटने के बाद उसने बच्चों के साथ दुष्कर्म और सेक्शुअल हैरेसमेंट करना शुरू कर दिया। वह फुटपाथ से बच्चों को उठाता और उनके साथ दरिंदगी करता। चॉकलेट का झांसा देकर कॉलोनियों से भी बच्चों को उठा ले जाता। अगर, उसे बच्चे नहीं मिलते तो पुरुषों और किन्नरों को अपना शिकार बनाता था।

पुलिस के हाथ नही आया आरोपी

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22 जून 2019 को जयपुर के शास्त्री नगर में एक साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की, लेकिन कई दिन तक आरोपी तक नहीं पहुंच पाई। इसी बीच एक जुलाई को शास्त्री नगर में ही एक और सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। इन दो घटनाओं से लोग भड़क गए, जगह-जगह प्रदर्शन होने लगे। प्रशासन को लोगों को शांत रखने के लिए धारा 144 भी लगानी पड़ी। उधर, पुलिस लगातार आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रही थी, लेकिन फिर हाथ खाली थे।

जीवाणु उर्फ वायरस के रूप में हुई

6-7 जुलाई को पुलिस ने बच्चियों से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को कोटा से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सिकंदर, जीवाणु उर्फ वायरस के रूप में हुई। पुलिस ने थाने लगाकर उससे पूछताछ शुरू की तो उनके भी होश उड़ गए। पूछताछ में सामने आया कि जीवाणु अब तक 65 से ज्यादा दुष्कर्म, सेक्शुअल हैरेसमेंट और हत्याएं कर चुका है। उसने बच्चे, पुरुषों, किन्नरों और कुछ महिलाओं के साथ भी दरिंदगी की थी।

साल 2004 में उसने एक बच्चे के साथ दरिंदगी कर उसकी हत्या भी कर दी थी। जयपुर पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले आरोपी ‘जीवाणु’ पर दुष्कर्म और हत्या जैसे संगीन अपराध के 12 से अधिक केस दर्ज थे। वो कई बार जेल भी जा चुका था, लेकिन जमानत पर छूटकर बाहर आ जाता था।

जीवाणु ने जयपुर में जिस चार और साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था, वो उसकी हत्या करना चाहता था, लेकिन किसी कारण से नहीं कर पाया। उसने कोटा में अपने दोस्त की मासूम बेटी का भी यौन शोषण किया था। इन दोनों बच्चियों की हत्या नहीं कर पाने को वह अपनी सबसे बड़ी भूल बता रहा था।

‘जीवाणु’ किसी हैवान से कम नहीं

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दरिंदा ‘जीवाणु’ किसी हैवान से कम नहीं है। वह जिन मासूमों को अपना शिकार बनाता था, उनकी चीखें सुनने के लिए उन्हें बेरहमी से पीटता था। जमीन पर पटकता और चाकू से उनके अंगों पर वार भी करता था। मासूमों की चीख सुनने में उसे मजा आता था। दुष्कर्म करने के बाद उसने कई बच्चों की गला दबाकर हत्या भी कर दी थी।

आरोपी ने जयपुर में जिस सात साल की बच्ची के दुष्कर्म किया था, उसे कई जगह बुरी तरह काट लिया था। साथ ही उसकी पीठ पर चाकू से इतना गहरा घाव बनाया जिसका निशान आज भी है। वहीं, दुष्कर्म के दौरान चार साल की बच्ची चीखी नहीं तो दरिंदे ‘जीवाणु’ ने उसकी चीभ ही काट दी थी। आज भी उस बच्ची के बोलने में परेशानी होती है।

पुलिस की 20 टीमें बनाईं गईं

दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने के लिए जयपुर पुलिस की 20 टीमें बनाईं गईं थी। इनमें 400 पुलिसकर्मियों को शामिल किया था। पुलिस की टीमें आरोपी की लगातार तलाश कर रहीं थीं। उधर, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जीवाणु नाई की थड़ी के पास छिप गया था। पुलिस ने सीसीटीवी से आरोपी की पहचान की और उसकी तस्वीर सार्वजनिक कर दी। पकड़े जाने के डर से वह यहां-वहां छिपता रहा।

सांगानेर में मजदूरों के साथ फुटपाथ पर सोया और चार जुलाई को टोंक की ओर चला गया। अगले दिन पांच जुलाई को देवली के ठेके पर उसका झगड़ा हो गया, जहां उसने मैनेजर सोहन लाल को गोली मारी और 20 हजार रुपये लूटकर फरार हो गया। यहां से आरोपी कोटा पहुंचा और अपने दोस्त के पास जाकर छिप गया। पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन को लगातार ट्रेक कर रही थी। छह जुलाई को पुलिस मजदूर के वेश ने कोटा के भीमगंज पहुंची और उसे गिरफ्तार किया था।

वह एचआईवी पॉजिटिव है

जीवाणु की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि वह एचआईवी पॉजिटिव है। पुलिस ने पीड़ितों की जांच कराई, तो पता चला कि उसने ये खतरनाक बीमारी कई मासूमों को दी है। आरोपी जीवाणु को जेल में सभी कैदियों से अलग रखा जाता है।

गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी जीवणु को अपने किए गुनाहों का कोई पछतावा नहीं था। जयपुर में बच्चियों से दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या नहीं करने को वह अपनी सबसे बड़ी भूल मानता था। वहीं, पकड़े जाने के बाद उसने पुलिस से कहा था कि वह जब भी जेल से छूटेगा, पुलिस को उसकी खबर देने वाले को मौत की सजा देगा।

उसके यह सिर्फ दो ही नाम नहीं

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सिकंदर उर्फ जीवाणु की गिरफ्तारी के बाद और भी कई खुलासे हुए। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके यह सिर्फ दो ही नाम नहीं थे। अलग-अलग जिलों और इलाके के लोग उसे कई अन्य नामों से भी जानते थे। उसका एक साथी भी था जिसका असली नाम रफीक था, लेकिन वह कीटाणु नाम से जाना जाता था।

ये दोनों मिलकर चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी जीवाणु ने पुलिस को यह भी बताया कि एक रात में ज्यादा से ज्यादा चोरियां करने को लेकर उनमें होड़ लगती थी। छह जुलाई को जीवाणु की गिरफ्तारी के बाद कीटाणु भी पुलिस से छिपता फिर रहा था। हालांकि, नवंबर 2019 में पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया था।

सेक्सुअल दरिंदा बताया गया

जयुपर पुलिस ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के केस में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें उसे सेक्सुअल प्रेडेटर यानी सेक्सुअल दरिंदा बताया गया था। कोर्ट ने 27 नवंबर को इस केस में सिकंदर उर्फ जीवाणु को उम्रकैद की सजा दी थी।

चार साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला कोर्ट में चल रहा है। जल्द ही उस पर भी फैसला हो सकता है। कानूनी रूप से देखें तो पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को फांसी की सजा भी हो सकती है। इन दोनों मामलों के अलावा उसके कई अन्य गुनाह भी हैं, जिन पर सुनवाई चल रही है

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