जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ये देखिए साहब! स्मार्ट सिटी बनने की राह पर क्रांतिधरा मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाई है। जहां शहर में भारी बारिश ने नगर निगम के नालों की सफाई की पोल खोलकर रख दी। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रांतिधरा स्मार्ट सिटी की दौड़ में सबसे पीछे क्यों है?
शहर में नालों की सफाई की पोल मानसून की पहली बारिश ने ही खोल दी। जहां गली मोहल्लों में भारी जलभराव हो गया, वहीं नाले उफन कर सड़कों पर बहने लगे। शहर के निचले इलाके ही नहीं, बल्कि ऊपरी इलाकों में भी जलभराव हो गया।
यानी सीधे-सीधे नगर निगम द्वारा नाला सफाई पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये बारिश के पानी के साथ बह गए। शहर के बड़े नाले ओडियन, आबू नाला प्रथम और आबू नाला द्वितीय ओवर-फ्लो हो गए। ओडियन नालों के आसपास ब्रह्मपुरी सहित कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया है।
मेरठ जिले में जुलाई माह की पहली भारी बारिश ने ही नगर निगम के अफसरों की पोल खोल कर रख दी है। बुधवार सुबह 11 बजे से शरू हुई बारिश शाम चार बजे तक जारी रही। बारिश से शहर तर हो गया। शहर की सड़कें घंटों लबालब रही। मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। वहीं पुराने शहर का तो और भी हाल बुरा हाल रहा। नगर निगम के जो दावे थे कि नालों की सफाई हुई है। बारिश ने अफसरों की सच्चाई सामने ला दी है।

सफाई न होने से बिगड़े शहर के हालात
बुधवार सुबह से ही बारिश शुरू हुई तो यह बारिश आफत बनकर टूटी। कई जगह शहर के अलग-अलग इलाकों में 2 फीट से अधिक पानी भर गया। लिसाड़ी गेट, कोतवाली, घंटाघर, देहलीगेट, रेलवे रोड पर सड़कें डूब गईं। मवाना रोड, रक्षापुरम, गढ़ रोड पर भी सड़कों पर पानी भर गया। तेज बारिश से घंटाघर से जिला अस्पताल रोड पर एक फीट से अधिक सड़क पर पानी भर गया।
दिल्ली रोड से रेलवे रोड की तरफ भी यही हाल रहा। यहां भी सड़कें लबालब नजर आई। सिटी स्टेशन की तरफ जाने वाली रोड भी डूब गई। लिसाड़ी गेट के अधिकांश हिस्सों में पानी भर गया। घंटाघर से नगर निगम कार्यालय के बाहर भी मुख्य मार्ग जलभराव रहा।
दिल्ली रोड पर अलग-अलग स्थानों पर सड़क पर पानी भरा रहा। ट्रांसपोर्ट नगर और बागपत रोड के कई हिस्सों में पानी भर गया। हापुड़ अड्डे से लिसाड़ी रोड के तरफ से इस तरह पानी भरा कि दो पहिया वाहन भी नहीं निकल सके। अधिकांश कॉलोनियों में पानी भरा रहा। नौचंदी मैदान भी डूब गया।
ये बोले-नगरायुक्त
नगरायुक्त मनीष बंसल ने कहा कि शहर में जलभराव का होना वास्तविकता है। पूरे दिन नगर निगम की टीम विभिन्न स्थानों पर जल निकासी के लिए उपाय करती रही। बारिश काफी तेज थी। शाम को भी स्थलों का निरीक्षण किया गया और जहां जहां आवश्यकता पाई गई, वहां पंप सेट लगा कर निकासी के प्रबंध कराए गए। शहर के नालों की क्षमता इतनी अधिक बरसात के पानी के सापेक्ष पर्याप्त नहीं है। सफाई कराई गई है, परंतु सिल्ट और कूड़ा सतत इकट्ठा होता है। उम्मीद है आने वाले समय में इसे और बेहतर किया जा सकेगा।

वीआईपी इलाके में ठप रही नौ घंटे बिजली
बारिश व तेज हवा के बाद शहर की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सिविल लाइन इलाका वीवीआईपी है। यहां तमाम अधिकारियों के आवास है। दोपहर 12 बजे से शहर के सिविल लाइन, साकेत, गंगानगर क्षेत्र में बिजली नहीं रही। बताया गया कि पेड़ गिरने से बिजली की आपूर्ति बाधित हो गयी। देर रात तक आपूर्ति ठप थी। वन विभाग ने अब तक पेड़ नहीं हटाया, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो सकी।
रात में ऊर्जा निगम मंत्री श्रीकांत शर्मा को शिकायत की तब जाकर रात में ही ऊर्जा निगम के अधिकारी टूटे हुए पेड़ को काटने के लिए पहुंच गए। देर शाम में ही पेड़ को हटाना पड़ा। बताया गया कि रात्रि नौ बजे बिजली की आपूर्ति चालू की जा सकी। छिपी टैंक इलाके में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रही। लोगों को पूरा दिन लाइट नहीं मिली। रात्रि में बिजली की आपूर्ति चालू होने के बाद ही जनता ने राहत की सांस ली।
शहीद स्मारक की 100 मीटर दीवार बारिश में गिरी
मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने जहां पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। वहीं शहीद स्मारक की 100 मीटर की दीवार को नेस्तनाबूद कर दिया। बारिश के कारण पूरा परिसर जलमग्न हो गया और पानी अंदर तक आ गया। शहीद स्मारक के इंचार्ज पीके मौर्य ने बताया कि मूसलाधार बारिश में शहीद स्मारक पूरी तरह जलमग्न हो गया।
क्योंकि इसके साइड में बहने वाला नाले की दीवार टूट गई है और नाले की तरफ से आने वाले नाले का पानी पूरी तरह से शहीद स्मारक पार्क में दो से तीन फीट एकत्र हो गया है। आलम यह है कि यहां खड़ी गाड़ियां और बैठने वाले बेंच पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं।
कैंट सदर की तरफ से आने वाला नाला जोकि सदर तहसील के पास दिल्ली रोड को पार कर जली कोठी की तरफ आगे जाता है। वहां पर शहीद स्मारक की दीवार गिर गई है। जिसकी वजह से पानी शहीद स्मारक परिसर में भर गया है। दीवार रिपेयर की जिम्मेदारी मेरठ विकास प्राधिकरण मेरठ की एवं नाले की सफाई की जिम्मेदारी कैंटोनमेंट बोर्ड और नगर निगम मेरठ की है। नाले का पूरा पानी शहीद स्मारक से होकर दिल्ली रोड की तरफ निकल रहा है।

