जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: गुरूवार को मुजफ्फरनगर सबसे ज्यादा ठंडा रहा। गुरूवार को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है, जो इस सर्दी का सबसे कम तापमान है। बुधवार को मुजफ्फरनगर का तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया था, जो गुरूवार को बुधवार के मुकाबले 1.2 डिग्री नीचे गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
मुजफ्फरनगर में गुरुवार को ठंड ने लोगों की कपकंपी बढ़ा दी। कोहरा होने के चलते सूरज बादलों के पीछे छिपा रहा। तेज चल रही हवाओं से लोगों की मुश्किलों में बढ़ोतरी हुई। आद्रता भी 97 प्रतिशत पर पहुंच गई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गत गुरुवार से आज तक का तापमान लिया जाए तो सुबह का समय आज का दिन सबसे ठंडा रहा। गुरुवार सुबह का तापमान 5 डिग्री पर पहुंच गया। गुरु गोविंद सिंह की जयंती होने के कारण स्कूलों में तो छुट्टी होने से बच्चों को राहत मिली। 7 दिनों के दौरान यदि सुबह का तापमान देखा जाए तो गुरुवार को यह अपने न्यूनतम स्तर पर रहा। 23 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 8.1 रहा था, जबकि 24 दिसंबर को 8.2 और 25 को 7.7 डिग्री दर्ज किया गया। 26 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6.4 और 27 दिसंबर को 7 डिग्री तथा 28 दिसंबर को 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान में लगातार गिरावट आने और पाला पड़ने से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हो गई है। गन्ना शोध संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. वीरेश सिंह किसानों को सलाह देते हैं कि गन्ने की फसल में पानी दें। ताकि उसे पाले से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि मौजूदा मौसम गेहूं की फसल के लिए काफी लाभदायक है।

