Tuesday, May 28, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutपरिवार का इकलौता सहारा, जगबीर लड़ रहा जिंदगी की जंग

परिवार का इकलौता सहारा, जगबीर लड़ रहा जिंदगी की जंग

- Advertisement -
  • आत्मदाह प्रकरण में वन विभाग के प्रति लोगों में भारी आक्रोश
  • करीबी रिश्तेदार की कारगुजारी ने बर्बाद कर दिया एक हंसता-खेलता परिवार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/मवाना: इंसाफ के लिए खुद को तहसील परिसर में आग लगाने वाला जगबीर जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहा है। वो मौत के मुंहाने पर खड़ा है। नौबत यहीं तक नहीं सबसे बड़ी व नाजुक समस्या वो यह कि वह अपने परिवार का इकलौता सहारा है। उसके दो बेटे हैं प्रिंस व आकाश।

आकाश नवजीवन डिग्री कालेज मवाना से पढ़ाई कर रहा है, जबकि प्रिंस किसी कंपनी में सुपरवाइजर है, लेकिन परिवार का पूरा बोझ जगबीर के कंधों पर ही है, लेकिन जिस हालत में अब जगबीर है, उसको देखते हुए तो लगता है कि अब परिवार को ही उसका बोझ उठाना पडेÞगा।

बेटा बोला-बर्बाद हो गया खुशहाल परिवार

गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा हॉस्टिल की दूसरी मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में जगबीर को भर्ती किया गया है। वार्ड के बाहर खडेÞ उसके बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दोस्त व गांव के अन्य लोग उसको संभालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आकाश की आंखों से आंसू थे कि थमने का नाम नहीं ले रहे थे। चुप कराने पर वह फूट-फूटकर रोने लगा। वहीं बगल में एसडीएम मवाना अखिलेश यादव भी खडेÞ थे,

 

16 5

वह भी उसको ढांढस बांधने का प्रयास कर रहे थे। आकाश का कहना था कि उसका परिवार अब बर्बाद हो गया है। उसको समझ नहीं आ रहा है कि अब क्या होगा कैसे होगा? उसने यह भी बताया कि अभी तक मां को पिता के खुद को आग लगाने की खबर उसने नहीं दी है। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें गांव के लोगों ने बताया दिया है कि जगबीर ने खुद को आग लगा ली है।

ये है पूरा मामला

हस्तिनापुर के गांव अलीपुर मोरना निवासी किसान शुक्रवार सुबह तहसील में एसडीएम अखिलेश यादव से मिलने पहुंचा था। तहसील परिसर में उसने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगा ली। जिस वक्त उसने आग लगायी एसडीएम के अलावा पूरा स्टाफ कार्यालय में मौजूद था। किसान के आग लगाने की खबर मिलने पर एसडीएम अखिलेश यादव तेजी से कार्यालय से बाहर की ओर दौडेÞ। एसडीएम और सीओ पेशी में तैनात सिपाही सचिन शर्मा ने बमुश्किल आग को काबू में किया। आग से झुलसे किसान को सीएचसी भेजा गया। हालत नाजुक देखकर वहां अधिकारी उसको मेरठ के गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा हॉस्पिटल पहुंचे।

80 सालों से जोत-बो रहे थे पूरी जमीन

न्यूटिमा हॉस्पिटल में मौजूद जगबीर के पुत्र आकाश ने बताया कि उनका परिवार 12 बीघा के इस खेत को बीते करीब 80 सालों से बो जोत रहा है। जमीन का यह टुकड़ा उनके परिवार के आधिपत्य में हैं, लेकिन गांव में उनके एक रिश्तेदार जगदीश जो परिवार से रंजिश रखते हैं और जिनके साथ दो-ढाई साल पहले भी इसको लेकर विवाद व पुलिस कोर्ट कचहरी हो चुकी है, हालांकि बाद में गांव वालों ने दोनों परिवारों में समझौता कर दिया था, उसी रिश्तेदार ने इस जमीन को लेकर वन विभाग में शिकायत कर दी।

आकाश का आरोप है कि वन विभाग के अफसरों से मिलकर उनके रिश्तेदार ने ही बीते गुरुवार को उनकी गेहंू की भरी-भरी फसल पर टैÑक्टर चलवा दिया। आकाश ने बताया शाम को जब वह नवजीवन डिग्री कालेज जहां वह एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है, वहां से जब वह अपने घर पहुंचा तो उसकी मां ने वन विभाग द्वारा 12 बीघा गेहंू की फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिए जाने की जानकारी दी। उसने बताया कि वन विभाग की कार्रवाई से उसके पिता सदमे में थे।

शुक्रवार सुबह वह जमीन के तमाम कागजात लेकर एसडीएम से मिलने मवाना पहुंचे थे, वहां से खबर आयी कि उन्होंने खुद को आग लगा ली है। इस खबर के मिलने के बाद वह गांव के कुछ लोगों के साथ यहां अस्पताल पहुंचा। हालांकि अधिकारियों ने अभी उसके पिता से बात नहीं करायी है। वहीं डाक्टरों ने भी अभी इन्फेक्शन की बात कहकर किसी को भी मिलाने से मना कर दिया है।

वन विभाग पर गंभीर सवाल

न्यूटिमा पहुंचे गांव वालों ने संवाददाता को बताया कि अलीपुर मोरना के ज्यादातर किसान परिवार वन विभाग की जमीन ही बो व जोत रहे हैं। यह जमीन ही उनके गुजरे का इकलौता जरिया है। जब भी वन विभाग वाले सख्ती करते हैं तो कुछ ले देकर कर किसान लोग उन्हें शांत कर देते हैं। केवल जगबीर ही ऐसा नहीं है जो वन विभाग की जमीन को बो जात रहा था, लेकिन वन विभाग के अफसरों ने बाकी जमीन को छोड़कर गुरूवार को 12 बीघा के उस खेत पर टैÑक्टर चलवा दिया जिस पर जगबीर ने दिन रात मेहनत कर फसल उगाही थी। वन विभाग के अफसरों ने बाकी की आसपास के किसी खेत को नहीं छुआ, जबकि आसपास के खेत भी जहां फसल उगाही गयी है वो भी वन विभाग के ही हैं।

डीएम समेत पूरा अमला पहुंचा

तहसील परिसर में किसान जगबीर के आत्मदाह के प्रयास की खबर तब तक मेरठ जिला मुख्यालय में बैठने वाले अफसरों से लेकर लखनऊ तक पहुंच गयी थी। आनन-फानन में पुलिस प्रशासन के अफसर न्यूटिमा पहुंच गए। डीएम दीपक मीणा, एडीएम सिटी अमित कुमार, एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह, सीएमओ डा. अखिलेश मोहन व सीओ के अलावा राज्यमंत्री दिनेश खटीक व सरधना विधायक अतुल प्रधान भी शामिल थे। डीएम ने न्यूटिमा के डाक्टरों से बात की। उन्होंने वहां मौजूद एसडीएम मवाना से भी बात की। पूरे मामले की जानकारी ली गयी। दिनेश खटीक व अतुल प्रधान ने परिजनों से बातचीत की।

जगबीर की जान बचाने को एसडीएम ने अपना कोट डालकर बुझायी आग

13 5

वन विभाग की कार्रवाई से क्षुब्ध अलीपुर मोरना निवासी 53 वर्षीय जगबीर पुत्र धनपाल ने शुक्रवार दोपहर बाद तहसील में खुद को आग लगा ली।अधिकारी से बिना मिले ही किसान ने धरना स्थल पर अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। आग लगते ही तहसील में अफरातफरी मच गई। लोग तमाशबीन खड़े किसान के कपड़ों से उठ रही लपटों को देखते रहे। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव ने अपना कोट उतारकर आग बुझाई। एसडीएम के बुलाने पर जब सरकारी एंबुलेंस नहीं आई तो सीओ मवाना सौरभ सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी से किसान को सीएचसी पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका संभव उपचार कर मेरठ के लिए रेफर कर दिया।

एसडीएम से मिलने पहुंचे थे पीड़ित जगबीर

घटना के बाद किसान जगबीर की जेब से शिकायती पत्र मिला, जिसे वह एसडीएम मवाना को देने आया था। शिकायती पत्र में उसने लिखा था कि ग्राम अलीपुर मोरना के जंगल में खसरा नंबर 425/2 क्षेत्र 0.4380 हेक्टयर कृषि भूमि पिछले 8 दशकों से उसके व उसके परिवार के आधिपत्य में है। जिसमें वर्तमान में गेहूं की फसल खड़ी थी। गुरुवार को वन विभाग ने अभियान के तहत उसकी भूमिधरी फसल को जोत दिया। जिसमें उसे 50 हजार रुपये की क्षति हुई है। खतौनी दिखाने पर भी वन विभाग वाले नहीं माने।

पत्र में किसान ने जमीन में उसके कब्जे में हस्तक्षेप करने से रोकने हलका लेखपाल को सिजरे के अनुसार जमीन की निशानदेही कराने की बात लिखी थी। उक्त भूमि पर कब्जा किए जाने की स्थिति में उसने आत्महत्या किए जाने की चेतावनी लिखी थी, लेकिन यह पत्र एसडीएम को देने से पहले ही उसने आत्मदाह कर लिया। उधर, घटना की जानकारी करने एडीएम प्रशासन अमित कुमार तहसील पहुंचे और तहसीलदार आकांक्षा जोशी व अन्य कर्मचारियों घटना की जानकारी ली।

गलत अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: राज्यमंत्री

किसान द्वारा आत्मदाह किए जाने की जानकारी जैसे ही राज्यमंत्री दिनेश खटीक को मिली तो वह नगर पालिका के मैदान में चल रहे कार्यक्रम को छोड़कर अस्पताल पहुंच गए, लेकिन तब तक एसडीएम मवाना किसान जगबीर को एंबुलेंस से लेकर मेरठ अस्पताल में भर्ती कराने के लिए निकल चुके थे। राज्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर कुछ लोग उनके पास आए थे।

15 4

उन्होंने डीएफओ राजेश कुमार से बात कर फसल कटने पर भूमि चिन्हित कर पैमाइश कराने व उसके बाद ही कब्जामुक्त की कार्रवाई करने की बात कही थी। यदि इस मामले में अफसरों की गलती पाई गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर सपा विधायक अतुल प्रधान भी न्यूटिमा पहुंचे। उन्होंने जगबीर के परिजनों से मुलाकात की और डाक्टरों से बेहतर से बेहतर उपचार देने का आग्रह किया गया।

बगैर बल प्रयोग के मुक्त कराई जमीन

वन विभाग हस्तिनापुर एवं तहसील मवाना राजस्व विभाग की टीम द्वारा आईजीआरएस एवं तहसील दिवस में की गई शिकायतों के क्रम में सरकारी जमीन की पैमाइश की गई थी। जिसमें जमीन को पैमाइश के उपरांत अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। ग्रामीणों की उपस्थिति में बिना किसी बल का प्रयोग नहीं किया गया है। जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता उनकी अच्छी इलाज की है एवं साथ ही इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है। -राजेश कुमार, डीएफओ, मेरठ

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments