Monday, April 22, 2024
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पत्नी ने पकड़े हाथ और शूटर ने मार दी गोली

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  • पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी मैनेजर पति की हत्या
  • भाड़े के शूटरों से एक लाख रुपये में मरवाया पति को

जनवाणी संवाददाता |

सरूरपुर: गुरुवार रात राइट सालवा माइनर पटरी पर धनवाली मंदिर के पास लूटपाट के बाद पति की हत्या की कहानी रचकर कर पुलिस को गुमराह करने वाली पत्नी अर्चना ही इस पूरे घटनाक्रम की मास्टरमाइंड निकली।अर्चना की 6 महीने पहले अरुण से शादी ही हुई थी। शादी के बाद विश्वासघात करते हुए प्रेमी के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों से पति की हत्या करवा दी और लूट का फर्जी ड्रामा रच दिया। हालांकि रात में ही पुलिस ने इस पूरे मामले को भांप लिया और 12 घंटे के अंदर खुलासा भी कर दिया। फिलहाल पत्नी अर्चना और उसका प्रेमी सौरव पुलिस गिरफ्त के बाद और जेल भेज दिया गया है। मृतक अरुण प्रजापति मीशो कंपनी में मैनेजर थे।

गुरुवार शाम लगभग छह बजे बागपत के गांव ट्योढ़ी निवासी अरुण प्रजापति पुत्र सत्यवीर अपनी पत्नी अर्चना उर्फ दीशा पुत्री योगेंद्र निवासी कुशावली के साथ ससुराल में पत्नी को दवाई दिलवाकर वापस बाइक से लौट रहा था। राइट सलावा माइनर पटरी पर धनवाली मंदिर के पास अरुण प्रजापति की सिर और छाती में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान पत्नी अर्चना ने लूट के बाद हत्या का ड्रामा रचकर पुलिस को गुमराह किया था। हालांकि रात में पुलिस अर्चना के इस नाटकीय ड्रामे को भांप लिया और पुलिस ने 12 घंटे के अंदर ही घटना का खुलासा कर दिया।

पत्नी अर्चना ने प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों से अपने मैनेजर पति और की हत्या करवा दी। अरुण आॅनलाइन मीशो कंपनी में मैनेजर थे और अरुण की अर्चना से छह महीने पहले ही शादी हुई थी। पुलिस ने बताया कि अर्चना का गांव कुशावली निवासी सौरव ठाकुर पुत्र मुकेश से पांच साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी प्रेम प्रसंग के चलते अर्चना ने प्रेमी सौरव के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों से पति की हत्या करवा दी। प्रेमी सौरव को गिरफ्तार कर लिया।

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जबकि अर्चना को भी हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस के सामने अपना इकबालिया जुर्म कबूल करते हुए अर्चना ने पुलिस को बताया कि वाट्सएप पर लोकेशन और चेटिंग के बाद जिस वक्त शूटर हत्या करने के लिए पहुंचे तो मैंने खुद पति के दोनों हाथ पकड़ लिए और शूटर ने एक गोली छाती और दूसरी अरुण के सिर में मारी इससे वह मौके पर वही ढेर हो गए। इसके बाद मैंने लूट का ड्रामा रचा और शोर मचाया। इस तरह से पत्नी ने अपने पति के हाथ पकड़कर हत्या करवाई।

भाड़े के शूटरों से एक लाख में हुआ था हत्या का सौदा

प्रभारी निरीक्षक देव सिंह रावत ने बताया कि अर्चना और उसके प्रेमी सौरव ने भाड़े के शूटर हायर किए। जिनका सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ। पुलिस के मुताबिक अर्चना के प्रेमी सौरव ने 14000 रुपये शूटरों को एडवांस दे दिए। जबकि बाकी रकम के लिए यह तय हुआ कि जिस वक्त शूटर अरुण की हत्या करेंगे जो गहने अर्चना सोने-चांदी के पहने हुए होगी वह उसे लूट कर ले जाएंगे। इससे लूट का ड्रामा भी रचेगा और उनका कर्ज भी उतर जाएगा। इसी तरह शूटरों हत्या के बाद तय स्थान, तय समय पर अरुण की हत्या करके लूट का वही नाटक रचा। लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि पूरा मामला पुलिस पकड़ में आ जाएगा।

पत्नी ने आनलाइन ही करा दी पति की हत्या

बीए पास अर्चना ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति अरुण मैनेजर की हत्या व्हाट्सएप पर ही करवा दी। पुलिस अर्चना के मोबाइल और सौरव के मोबाइल के तमाम वाट्सएप चेट पढ़कर चौंक गई। जहां अर्चना ने प्रेमी सौरव को अरुण की पल-पल की जानकारी हुलिया कपड़े बाइक का कलर सब कुछ बता रखा था। तय समय तय स्थान पर सब कुछ पहले से ही प्लान था। इसके लिए वाट्सएप पर पीछे बैठी अर्चना लगातार चेटिंग करती जा रही थी।

जबकि बेखबर अरुण बाइक चलाकर अपनी मंजिल तक जाने की जुस्तजू में लगा था, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसके पीछे बैठी उसकी पत्नी उसकी हत्या का ताना बाना वाट्सएप पर बुन रही है। इस तरह से अर्चना ने अपने पति की आॅनलाइन ही हत्या प्रेमी से मिलकर भाड़े के शूटरों से ही करवा दी। अर्चना के पास पुलिस ने दो मोबाइल बरामद किये है जिसमें अर्चना ने पुलिस को बताया कि एक मोबाइल उसके पति ने उसे दे रखा था। जबकि दूसरा प्रेमी सौरव का था जिसे सौरव से लगातार संपर्क में रहती थी।

पहले 22, फिर 25 और अब 28 को करा दिया काम तमाम

पुलिस ने अर्चना और सौरव के मोबाइल के वाट्सएप खंगालने के बाद पत्रकारों को बताया कि अर्चना अपने प्रेमी से जल्द से जल्द मिलना चाहती थी। इसके लिए वह अपने प्रेमी सौरव पर पति की हत्या करवाने के लगातार संपर्क में थी और दबाव बना रही थी। जिसके तहत गत 22 दिसंबर को भी अरुण की हत्या का प्लान था, लेकिन उसे दिन अरुण को कहीं अचानक बाहर जाना पड़ गया।

जिस वजह से प्लान कैंसिल हो गया। जिसके बाद 25 दिसंबर तय हुआ लेकिन उसे दिन अर्चना ने प्रेमी सौरव से हत्या के लिए संपर्क किया और गांव आने की बात कही तो प्रेमी सौरव ने बताया कि आज चर्च का मेला होने के कारण काफी भीड़ रहेगी, लेकिन इसके बाद अर्चना ने प्रेमी सौरव से कहा कि 28 दिसंबर का प्लान कर लो मैं 28 तारीख में दवाई के बहाने पति को लेकर कुशावली आऊंगी।

इसके बाद प्रेमी सौरव ने 28 तारीख का प्लान तय कर लिया और शूटरों से संपर्क कर बताया कि किस स्थान को अरुण को अर्चना को लेकर जाना है। इसके बाद ही हत्या का पूरा ताना-बाना बुना गया और 22, 25 दिसंबर टलने के बाद 28 को अरुण का काम तमाम करवा दिया।

पांच साल से सौरव के संपर्क में थी अर्चना

अर्चना के प्रेमी कुशावली निवासी सौरभ ने बताया कि पिछले पांच वर्ष से अर्चना और उसके बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। सौरव जहां सरधना के पास स्थित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल से इंटरमीडिएट क्लास पास कर फिलहाल कैलाशी हॉस्पिटल के पास एक पार्क में बाउंसर की नौकरी कर रहा था तो वहीं अर्चना सरधना के एक इंटर कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही थी। दोनों में लगातार मिलना जुलना जारी रहा और शादी तक बात पहुंच गई थी।

अर्चना के परिजन सौरव से शादी के लिए हो गए थे तैयार

पुलिस के सामने अर्चना और प्रेमी सौरव ने बताया कि अर्चना के परिवार वाले सौरव से शादी के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन अंर्तजातीय होने के कारण सौरव के परिवार वाले इस बात से नाराज थे। जिसके चलते सौरव ने उसे समय मन कर दिया था और कहा था कि वह अर्चना को भूल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अर्चना जहां प्रजापत समाज से ताल्लुक रखती है तो वहीं प्रेमी सौरव ठाकुर समाज से ताल्लुक रखता है।

अंर्तजातीय होने के कारण गांव में दोनों की शादी का विरोध था, लेकिन अर्चना के परिवार वाले अर्चना की जीद के आगे झुक गए थे, लेकिन सौरव के परिवार वाले राजी नहीं हुए थे। इसके बाद सौरव ने अर्चना के परिवार वालों से वादा किया था कि वह उसे भूल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और दोनों के बीच प्रेम की चिंगारी लगातार भड़कती रही और चिंगारी इस अंजाम तक पहुंची की अर्चना ने प्रेमी से मिलने के लिए पति की हत्या करवा दी।

पति की हत्या का अर्चना को पछतावा नहीं

पुलिस के सामने अर्चना ने अपने पति अरुण की हत्या का जरा भी पछतावा नहीं किया। पुलिस ने यह भी बताया कि जिस वक्त पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो अर्चना पति की सबसे काफी दूर खड़ी हुई बातचीत कर रही थी। जबकि शव के पास काफी ग्रामीण मौजूद थे। इसके बाद पुलिस ने यह भी बताया कि और अरुण की हत्या के बाद अर्चना के मौके पर पहुंचे परिवार वालों ने भी कोई खास गम नहीं किया। जबकि अर्चना पुलिस के हर सवाल का जवाब दे रही थी और लूट का ड्रामा रच कर हत्या का रूप देना चाहती थी। पुलिस की मौजूदगी पत्रकारों के सामने भी अपनी पति की हत्या का कोई अफसोस जाहिर नहीं किया।

अरुण के परिजन बोले-कानून देगा अर्चना को सजा

मीशो कंपनी के मैनेजर अरुण की हत्या के बाद थाने पर पहुंचे परिवार वालों में काफी गम और गुस्सा भरा हुआ था। इस दौरान उन्होंने के माता-पिता ने पुलिस हिरासत में बैठी अर्चना के सामने हाथ जोड़कर कहा कि हम तुझे कुछ नहीं कुछ सजा नहीं देंगे। तूने हमारे साथ अच्छा किया,तुझे भगवान भी माफ नहीं करेगा। परिवार वालों ने कहा कि अब तेरे किए की सजा तुझे कानून देगा। तूने एक हंसता खेलता परिवार उजाड़ा है इसकी सजा तुझे मिलकर रहेगी।

पहले रेकी और लोकेशन, फिर हत्या

मीशो के मैनेजर अरुण की हत्या के लिए पहले अर्चना के प्रेमी सौरभ ने रेकी की थी। सौरव ने पहले रेकी के बाद यह रास्ता चुना जो सुनसान जगह और वारदात के भागने के लिए मुफीद हो। दरअसल पुलिस ने बताया कि अर्चना ने पहले सौरव से संपर्क कर पति को रास्ते से हटाने के लिए प्लान तैयार किया। जिसके बाद सौरव ने सरधना से कुशावली जाने वाले रास्ते पर कई स्थान चिन्हित किये,

लेकिन वहां बात नहीं बन पाई। इसके बाद सौरव ने अर्चना से इस रास्ते का प्लान किया। जिसके बाद अर्चना के माशूक सौरव ने भाड़े पर हायर किए गए शूटरों जो सौरव के दोस्त भी हैं को इस रास्ते को दिखाया और उसके बाद उन्होंने रेकी करके प्लान तैयार किया। जिसके बाद पहले रेकी इर लोकेशन और फिर हत्या।

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