जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लगता है मेरठ पुलिस ने योगी सरकार को बदनाम करने की ठान ली है। तभी गंभीर मामलों में भी कार्रवाई करने की बजाय सेटिंग कर मामले दबा रही है। इससे लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश भड़क रहा है। तीन दिन पहले सुभारती विश्वविद्यालय के समीप ग्रीनवुड सिटी कॉलोनी में बाहरी युवकों के दो गुट सरेआम भिड़ गए और मारपीट के साथ ताबड़तोड़ फायरिंग की। इससे कॉलोनी में अफरा तफरी मच गई और लोग घरों में जा छुपे। आरोपियों को आभास हो गया कि पुलिस एक्शन ले सकती है, इसलिए सुभारती चौकी से सेटिंग कर ली। दहशतजदा कॉलोनी के लोग एकत्र होकर चौकी पहुंचे तो इंचार्ज ने यह कहकर चलता कर दिया कि जांच कर रहे हैं। चौकी इंचार्ज ने कॉलोनी की सिक्योरिटी को खुलेआम धमकाया कि अगर किसी को सीसीटीवी की फुटेज दी तो ठीक न होगा। चौकी इंचार्ज की कारगुजारी से कॉलोनी में दहशत पसरी हुई है और लोगों का पुलिस से भरोसा उठ रहा है।
सुभारती चौकी पुलिस इस वक्त सबसे ज्यादा बदनाम है। क्षेत्र में अराजक तत्व और अपराधी तो सक्रिय हैं ही, अवैध धंधे भी खूब चल रहे हैं, इन सभी को सुभारती चौकी के इंचार्ज का आशीर्वाद मिला हुआ है। पुलिस अफसरों ने आंखें मूंद रखी हैं। तभी कहीं फायरिंग हो रही है तो तमाम ओयो होटलों में जिस्मफरोसी चल रही है। सुभारती के आसपास तीन दर्जन से भी ज्यादो ओयो होटल हैं, जो पूरी तरह से जिस्मफरोसी के अड्डे बने हुए हैं और पुलिस को पैसा देकर खुलेआम अनैतिक कार्यों को करा रहे हैं। एक तरह से पुलिस ने ही ऐसे अवैध होटलों को लाइसेंस दे रखा है। ऐसे पुलिस के लोग ही अपराधियों पर कड़ा प्रहार करने का दम भरने वाली योगी सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर जानी थाना प्रभारी महेश राठौर ने बताया कि आशीष चपराना की तहरीर पर दो नामजद तथा तीन-चार अज्ञात के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ताबड़तोड़ फायरिंग से फैली दहशत
ग्रीनवुड सिटी में फायरिंग की घटना तीन दिन पहले की है, जिसे पुलिस पी गई। दरअसल, कॉलोनी में देर शाम एक जाति विशेष के दो गुट में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। पहले आपस में गाली-गलौज हुई और फिर मारपीट होने लगी। मारपीट के दौरान ही दोनों गुटों की तरफ से कई राउंड फायरिंग की गई। जिस वक्त यह घटना हुई कॉलोनी में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे टहल रहे थे। मारपीट और फायरिंग होते ही कॉलोनी में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों में जा छुपे। घटना की सूचना सुभारती चौकी के इंचार्ज को मिल गई, लेकिन तब तक फायरिंग करने वाले कुछ लोग वहां पहुंच गए। दरअसल, उन्हें यह आभास हो गया कि पुलिस एक्शन ले सकती है। उन्होंने चौकी इंचार्ज से सेटिंग कर मामले को दबाने की बात कर ली। चौकी इंचार्ज भी मामले की लीपापोती में लग गए। सबसे पहले उन्होंने ग्रीनवुड सिटी की सिक्योरिटी को धमकाया कि सीसीटीवी की फुटेज किसी को न दी जाए। ेअगले दिन कॉलोनी के बड़ी संख्या में लोग जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, एकत्र होकर सुभारती पुलिस चौकी पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। लोगों ने कहा कि अराजक तत्व कई बार कॉलोनी में फायरिंग की घटनाएं कर चुके हैं। कड़ा एक्शन लिया जाए। चौकी इंचार्ज ने यह कहकर लोगों को चलता कर दिया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। अभी कुछ ऐसा मामला सामने नहीं आया है।

