Tuesday, June 18, 2024
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‘अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा को पहुंचाना है’

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  • नई शिक्षा नीति पर व्याख्यान का हुआ आयोजन
  • विद्या वार्ता पुस्तक का भी हुआ विमोचन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नई शिक्षा नीति में छात्रों के लिए वह शिक्षा नीति का निर्माण किया गया है जो समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी हो समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचे यही नहीं नई शिक्षा नीति को इस तरीके से तैयार किया गया है कि ड्रॉपआउट रेट को कम किया जाए यह शिक्षा नीति व्यक्ति का निर्माण करेगी यह बात विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा नई शिक्षा नीति पर आयोजित व्याख्यान के दौरान मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश बाल आयोग के पूर्व चेयरमैन विशेष गुप्ता ने कही।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को भी अपने अंदर बदलाव लाने होंगे बच्चे के स्वभाव को देख कर उससे संवाद करना होगा जिससे बच्चे द्वारा समाज और राष्ट्र उत्पादित हो सके उसे इस तरीके से तैयार करना है कि वह अपना काम स्वयं करें नई शिक्षा नीति को शुरू हुए करीब 20 माह का समय हो गया है पहले पाठ्यक्रम तो पढ़ाया जाता था, लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं होता था शिक्षक को वर्तमान के साथ समन्वय करना होगा।

बच्चों की रुचि के अनुसार उस बच्चे को पढ़ाना होगा वही बच्चे को भी रात को सोते समय अपना मूल्यांकन करना चाहिए कि वह जो पाठ्यक्रम पड़ रहा है। उसके लिए वह कितना उपयोगी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रति कुलपति वाई विमला ने कहा कि प्रथम आने कि फोड़ने हम लोगों को झूठ बोलना सिखा दिया, लेकिन इसमें एक यह अच्छी बात हुई है की होड़ के साथ हम लोगों ने प्रथम आने के लिए प्रयास करना शुरू किया और प्रथम आने की होड़ने व्यक्ति के अंदर उर्जा भी निर्माण हुई नई शिक्षा नीति में स्वस्थ स्पर्धा होगी।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के दौरान शिक्षकों का दायित्व और बढ़ गया है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ संवाद करना होगा तथा बहुत सारे सुधार भी करने होंगे। वहीं, नई शिक्षा नीति को धरातल पर लाने के लिए समाज को आगे आना होगा बच्चों की जिज्ञासा को आगे बढ़ाना होगा तभी नवाचार होंगे और बच्चे अपने लक्ष्य की ओर पहुंचेंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्या भारती की पुस्तक विद्या वार्ता का भी विमोचन किया गया।

विद्या वार्ता के संपादक डा. नरेंद्र मिश्रा ने पुस्तक की रूपरेखा के बारे में बताया। विद्या भारती के जिला प्रमुख अरुण जिंदल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन गीता अग्रवाल ने किया। इस दौरान विद्या भारती के संरक्षक डा. विनोद अग्रवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख डा. नीरज, डा. विवेक त्यागी, डा. अंशु भारद्वाज, डा. नरेंद्र पांडे, प्रवेश कुमार, आशीष, मितेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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