Wednesday, April 29, 2026
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निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ निकाला मशाल जुलूस

  • सपा विधायक अतुल प्रधान के समर्थन में निजी अस्पतालों के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सपा विधायक अतुल प्रधान के समर्थन एवं निजी अस्पतालों की मनमानी के विरोध में बुधवार शाम शहर की जनता सड़कों पर उतर गई। जिसमें उन्होंने मशाल जुलूस के माध्यम से निजी अस्पतालों की मनमानी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने गरीब जनता की अवाज उठाने वाले अतुल प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को पुलिस प्रशासन का दमनकारी कदम बताया। गांधी आश्रम से शुरू हुआ मशाल जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकाला गया।

न्यूटिमा अस्पताल में पांच दिन में पांच लाख रुपये का बिल बनाकर एक महिला के परिवार के हाथों में थमा देने का मामला शांत होने की जगह लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक तरफ बुधवार को विधान सभा में सपा विधायक अतुल प्रधान ने निजी अस्पतालों की मनमानी व उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का मामला विधान सभा में उठाया। वहीं, दूसरी तरफ शहर में उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष निजी अस्पतालों के उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।

मंगलवार को उनके द्वारा प्रेसवार्ता कर पूरे मामले से मीडिया को अवगत कराया गया। वहीं सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के द्वारा निजी अस्पतालों की मनमानी के समर्थन में आने की बात कही थी, जिसको लेकर दोनो पक्षों के बीच मामला निबटने की जगह लगतार बढ़ता जा रहा है। इसी में सपाइयों के साथ शहर की जनता बुधवार को निजी अस्पतालों के विरोध में सड़कों पर उतर गई। गांधी आश्रम से एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया।

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जिसमें सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता व अन्य शहर के लोग हाथों में मशाल एवं पोस्टर बैनर लेकर नारेबारी करते हुए विभिन्न मार्गों से होकर गुजरे। इस दौरान निजि अस्पतालों के उत्पीडन एवं सपा नेता पर दर्ज कराए गए मुकदमें को सरकार की नाकामी बताया। कि जिन लोगों पर गरीब जनता का उत्पीड़न करने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है और गरीब जनता की अवाज उठाने पर सपा विधायक पर कार्रवााई किए जाने का आरोप लगाया।

नर्सिंगहोम एसोसिएशन आयी न्यूटिमा के बचाव में

नर्सिंगहोम एसोसिएशन न्यूटिमा नर्सिंगहोम के बचाव में आ गयी है। इसको लेकर बुधवार को नर्सिंगहोम एसोसिएशन ने आईएमए सभागार में बुलायी गयी प्रेस वार्ता में सपा विधायक अतुल प्रधान पर नर्सिंगहोम संचालकों की छवि धुमिल करने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता को अध्यक्ष डा. अंबेश पंवार, डा. शिशिर जैन, डा. प्रदीप बंसल, डा. कुंवर अनीस खान, डा. पुष्पेंद्र पंवार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि न्यूटिमा हॉस्पिटल में जाकर सपा विधायक ने जिस प्रकार का कृत्य किया, उसको सभ्य समाज में जगह नहीं दी जा सकती।

दरअसल सपा विधायक के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज करायी गयी है उसको वापस लेने के लिए अब वह दवाब डालने पर उतर आए हैं। प्रेस वार्ता में डाक्टरों ने दो टूक कहा कि एफआईआर वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने सपा विधायक पर माहौल खराब करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था जो कुछ न्यूटिमा में सपा विधायक ने किया है यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी शहर के नर्सिंगहोमों में इस प्रकार का कृत्य किया जा चुका है। सपा विधायक के कृत्य से मेरठ के चिकित्सा जगत में जबरदस्त नाराजगी है।

मेरठ के डाक्टरों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मार्फत प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भी अपनी बात से अवगत करा दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री को बताया गया है कि जो माहौल विधायक ने बना दिया है उसके चलते मेरठ में डाक्टरों का काम करना दुश्वार हो गया है। यदि हालात नहीं सुधरे और विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी तो उस दशा में काम करना दुश्वार हो जाएगा।

न्यूटिमा के खिलाफ विधानसभा में अतुल ने भरी हुंकार

न्यूटिमा और सपा विधायक अतुल प्रधान के बीच तनातनी बढ़ गई हैं। मंगलवार को डॉक्टरों ने अतुल के खिलाफ जुलूस निकाला, वहीं बुधवार को सपा विधायक अतुल प्रधान ने ये मुद्दा विधानसभा में उठा दिया। निजी अस्पताल का मामला है, इसलिए सभापति ने 156 नियम के तहत सपा विधायक से लिखित में शिकायत मांग ली, जिसके बाद इस पूरे प्रकरण की जांच संसदीय समिति से कराने का आश्वासन दिया।

सदन में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अतुल के पक्ष में बीच में उठकर बोले तथा कहा कि विधायक के खिलाफ गलत रिपोर्ट दर्ज की हैं, पीड़ित की आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं हैं। इसके बाद ही अतुल प्रधान ने फिर से अपनी बात सदन के बीच में रखी। यही नहीं, अतुल प्रधान के पक्ष में बड़ी तादाद में विधायक सदन के बाहर धरना देकर भी बैठे तथा पूरे प्रकरण में कार्रवाई की मांग की।

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दरअसल, सरधना विधानसभा के एक मरीज को न्यूटिमा में भर्ती कराया गया था। मरीज 29 घंटे अस्पताल में भर्ती रहा, जिसका बिल दो लाख बना दिया गया। इस मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने सपा विधायक अतुल प्रधान से की, जिसके बाद अतुल प्रधान सीधे न्यूटिमा में पहुंचे तथा डॉक्टरों से अस्पताल के ही मेडिकल स्टोर से दवाई कोड में लिखने, बिल ज्यादा बनाने को लेकर ऐतराज कर दिया था।

इसी को लेकर बात आगे बढ़ी, जिसमें अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड की तरफ से मेडिकल थाने में सपा विधायक अतुल प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। ये मुकदमा दर्ज तो हुआ, फिर इसमें फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी गई। यही नहीं, इसके बाद मुकदमें में फाइनल रिपोर्ट खारिज करते हुए चार्जशीट लगा दी। इसके बाद डॉक्टरों और सपा विधायक के बीच तनातनी बढ़ गयी। बुधवार को विधानसभा में सपा विधायक अतुल प्रधान ने ये प्रकरण उठाया। निजी अस्पताल द्वारा किस तरह से कोड लिखकर दवाई के रुपये वसूले जाते हैं।

दस रुपये की दवाई के सौ रुपये वसूले जाते हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ये मामला 156 नियम के तहत लिखकर दो, संसदीय कार्यसमिति को इसकी जांच सौंप दी जाएगी। बीच में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अतुल के पक्ष में बोले तथा कहा कि विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जो गलत हैं। पीड़ित का पक्ष लेना कोई गलत नहीं हैं। इससे पूर्व सरधना विधायक अतुल प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के खिलाफ सपा के विधायक सदन के बाहर धरना देकर बैठे।

विधायकों ने कहा कि पुलिस दमनकारी नीति अपना रही हैं। पहले मुकदमें में फाइनल रिपोर्ट लगाती है, फिर चार्जशीट? ये तो पुलिस का कारनामा पहली बार देखा गया हैं। इसमें पुलिस अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठाये। फिलहाल इसकी जांच के आदेश हो गए हैं, जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही क्या कार्रवाई होगी, ये तय किया जाएगा।

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