- स्टैंडों पर अवैध वसूली करने वालों की भी होगी जांच
- मंत्रालय ने एआरटीओ को दिए रिपोर्ट भेजने के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: कैराना में वर्षों से अवैध रुप से चल रहे अवैध बस, टैक्सी स्टैंडों पर परिवहन मंत्रालय सख्त हो गया है। परिवहन मंत्री ने एआरटीओ को बस स्टैंडों पर अवैध उगाही करने वाले लोगों एवं अवैध बस स्टैंडों की रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। एआरटीओ ने पुलिस अधिकारियों से कर रिपोर्ट तैयार करने को लेकर कवायद शुरू कर दी।
कैराना में पिछले कई सालों से करीब आठ स्थानों शामली बस स्टैंड, गंगोह बस स्टैंड, कांधला बस स्टैंड, टांडा बस स्टैंड, मेंढकी दरवाजा, कांधला तिराहा, पानीपत बस स्टैंड व पालिका बाजार के सामने डग्गामार वाहनों का संचालन किया जाता हैं। करीब चार महीने पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने सड़क किनारे अवैध रूप संचालित बस, टैक्सी स्टैंडों को हटवाने व अवैध वसूली करने वालों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने के निर्देश दिए थे। उस समय पुलिस क्षेत्राधिकारी बिजेंद्र सिंह भड़ाना व तत्कालीन एसडीएम संदीप कुमार ने सभी बस स्टैंड संचालकों को सड़क किनारे से वाहनों हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। दोबारा से कैराना के सभी स्थानों पर बिना परमिट की बसों व डग्गामार वाहनों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
कैराना में अवैध रूप से संचालित बस टैक्सी स्टैंडों का संज्ञान परिवहन मंत्रालय ने ले लिया हैं। जिसके बाद यूपी के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने शामली एआरटीओ रोहित राजपूत को कैराना के सभी बस स्टैंडों तथा उनसे अवैध रूप से वसूली करने वालों की जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। जिसके तहत बृहस्पतिवार को एआरटीओ रोहित राजपूत कोतवाली में पहुंचे तथा कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान एवं पालिका अधिकारियों के मीटिंग की।
एआरटीओ ने बताया कि कैराना में चलने वाले अवैध बस टैक्सी स्टैंड पालिका की सरकारी जमीनों पर चल रहें हैं। जो पालिका को टैक्स भी नहीं देते हैं। अवैध बस, टैक्सी स्टैंडों व उनसे अवैध वसूली करने वालों की रिपोर्ट तैयार की जा रहीं हैं, जो शासन को भेजी जाएंगी। जिसके बाद इनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

