- मेरठ कालेज के तीन छात्रों का हुआ था बेरहमी से कत्ल
- हाजी इजलाल 14 सालों से जेल में बंद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 14 साल पहले तीन लोगों की नृशंस हत्या के आरोप में हाजी इजलाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज सिद्धार्थ ने जमानत दे दी है। 13 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या 17 स्पेशल कोर्ट गैंगस्टर एक्ट की अदालत में मामला चल रहा है। हत्या थाना कोतवाली क्षेत्र में नकारचियान गुदड़ी बाजार में हुई थी और शव थाना बालैनी क्षेत्र बागपत में हिंडन नदी के किनारे पड़े मिले थे।
थाना बालैनी क्षेत्र स्थित हिंडन नदी में 23 मई
2008 को मेरठ के रहने वाले सुनील ढाका, पुनीत गिरी और सुधीर कुमार के क्षत-विक्षत शव मिले थे। जिसका मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान एसएसपी के आदेश पर हत्या की घटना स्थल थाना कोतवाली जिला मेरठ में मुकदमा स्थानान्तरित कर दिया गया था।
विवेचना के दौरान तिहरे हत्याकांड में इजलाल, अफजाल, मेहराज, इसरार, कल्लू उर्फ कलवा, कालू ड्राइवर उर्फ देवेन्द्र आहुजा, वसीम, रिजवान, बदरूद्दीन, परवेज, इजहार, शीबा सिरोही, माजिद, शम्मी के खिलाफ दो अलग-अलग विवेचना में हत्या सहित गंभीर आरोपों में वर्ष-2008 में-147, 148, 149, 364, 302, 202, 404, 411 आईपीसी और गैंगस्टर के आरोप में चार्जशीट दाखिल हुई हैं। चार्जशीट दाखिल हुई थी। जिसमें हत्यारोपी परवेज के नाबालिग होने के चलते किशोर न्यायालय में अलग मुकदमा चल रहा है तथा एक हत्यारोपी माजिद की दौरान मुकदमा मृत्यु हो चुकी है।
क्या थी घटना?
मृतक छात्रों और हत्यारोपी इजलाल आदि में आपस में दोस्ती थी और इन लोगों की शीबा सिरोही से दोस्ती थी। मृतक सुनील ढाका, पुनीत गिरी, सुधीर कुमार, शीबा सिरोही से हत्यारोपी इजलाल आदि को मिलने से तीनों छात्र मना किया करते थे। हत्यारोपियों ने शीबा सिरोही के साथ सांठगांठ कर मृतकों अपने घर पर मोहल्ला नकारचियान गुदड़ी बाजार कोतवाली दावत में बुलाया और वहां छुरों, लाठी-डंडों, गोली चलाकर तीनों की नृशंस हत्या कर दी।
हत्या के आरोप में यह भी बताया गया कि मृतकों के नाखून भी मारने से पहले उखाडेÞ थे। तीनों की हत्या कर उनके शवों को हिंडन नदी में फेंक दिया गया था। शवों को थाना बालैनी क्षेत्र में मिलने पर वहां मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसकी विवेचना इंस्पेक्टर बालैनी पंकज गौतम ने शुरू की थी। हत्या का स्थल पता चलने पर एसएसपी के आदेश पर उक्त मुकदमा थाना कोतवाली मेरठ में गत 30 मई 2008 को एसएसपी के आदेश पर स्थानान्तरित हो गया था।
जहां इंस्पेक्टर सदर बाजार डीके बालियान द्वारा विवेचना शुरू की, परन्तु दौरान विवेचना इंस्पेक्टर डीके बालियान का ट्रांसफर कानपुर कर दिया था, परन्तु चर्चित मुकदमे की विवेचना के चलते ट्रांसफर पर रोक लगी थी और 19 अगस्त 2008 को 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गयी थी।
वहीं, शीबा सिरोही के खिलाफ चल रही अन्य विवेचना में 21 नवंबर, 2008 को चार्जशीट दाखिल कर दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद अदालतों में 10 साल से अधिक समय से चल रहे मामलों में निर्णय न होने पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश के तहत हाजी इजलाल को जमानत पर छोड़ने के आदेश हुए हैं।
घर-घर जाकर पहचान करा रही शव ढोने वाले युवक की
मेरठ: खरखौदा थानांतर्गत जमना कालोनी में बोरे में बंद मिली युवती की नग्न लाश को लेकर पुलिस आठ कालोनियों में फोटो लेकर घर घर जा रही है और उस युवक की शिनाख्त का प्रयास कर रही है जो युवती की लाश को बोरे में भर कर कंधे पर लादकर जा रहा था। वहीं युवती के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पैनल के द्वारा उसकी रिपोर्ट बुधवार को तैयार कराई जाएगी।
जमना नगर कालोनी में अज्ञात युवती की तार से गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद करके एक युवक गली में वसीम के घर के बाहर फेंक कर चला गया था। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में युवक को कंधे पर शव को ले जाते देखा गया। पुलिस ने युवती के शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सीओ किठौर रुपाली राय ने बताया कि एक दर्जन से अधिक टीमें लगाई गई है जो सात आठ कालोनियों में एक एक घर में जाकर युवक की फोटो के जरिये शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है।

सीओ ने बताया कि युवक का पता चलते ही पूरा केस खुल जाएगा। वहीं पुलिस को अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके लिये एक पैनल बुधवार को रिपोर्ट तैयार करेगा। फिलहाल युवती की तार से गला घोंट कर हत्या की गई है और वह दो महीने की गर्भवती भी बताई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि हत्यारों ने युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या की है।

