
भारत जोड़ो यात्रा और उसके बाद राहुल गांधी की निखरी छवि, अडानी प्रकरण से बीजेपी को हुए नुकसान, मोदी की घटती विश्वसनीयता और विपक्षी एकता की दिशा में पुरजोर पहलकदमी ने संघ-भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दीं थीं। 2024 का विजय अभियान मुश्किल में पड़ता दिख रहा था। पीएम मोदी भले ही कार्बेट पार्क में प्रकृति और जीव-जंतुओं के बीच दिख रहे हों लेकिन उनकी पूरी बौद्धिक, पैदल और दंगाई सेना न केवल जमीन पर है बल्कि अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। इस मामले में भाजपा-संघ कई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। विपक्षी खेमे में दरार पैदा करने और एकता को तोड़ने के लिए विपक्ष में मौजूद अपने प्यादों को उसने सक्रिय कर दिया है।