Wednesday, February 21, 2024
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दो माह बीते, नहीं हुई हमलावरों की गिरफ्तारी

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  • चौकी इंचार्ज पर सांठगांठ का आरोप, डेढ़ महीने अस्पताल में भर्ती रहे दोनों युवक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दो महीने 10 दिन पहले नौचंदी थाना क्षेत्र राधा गोविन्द मंडप के सामने हुई मारपीट की गंभीर घटना में दो युवकों को गंभीर चोटे आई। जिनमें एक युवक की आंख की रोशनी चली गई और मस्तिष्क ने भी काम करना बंद कर दिया। केस के विवेचक ने धाराओं में भी खेल करते हुए हमलावरों से सांठगांठ कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की।

आरोपियों पर मेहरबान दारोगा गिरफ्तारी के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही खाकी की धमक और केस को रफा दफा करने का दबाव बनाने में जुटा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कप्तान से कई बार न्याय की गुहार लगाई। हमलावरों ने केस को वापस लेने की धमकी दी है।

नौचंदी क्षेत्र गढ़ रोड स्थित राधा गोविन्द मंडप के सामने 23 दिसम्बर की रात की बात है। करीब दस बजे थे। वैशाली कालोनी निवासी वंश सचदेवा अपने मित्र आशीष पाहवा के साथ एक्टिवा से हापुड़ अड्डे की ओर जा रहा था। इस बीच वह राधा गोविन्द पर आये तो उसके पूर्व परिचित अमन पंडित और उसके साथियों से किसी बात पर अनबन हो गई।

अमन ने अपने अन्य साथियों नितिन उर्फ मोनू हाइडिल निवासी ई ब्लाक व देव काजला निवासी भटीपुरा, अनुराग आदि के साथ मिलकर लाठी डंडो से वंश और आशीष पर जानलेवा हमला बोल दिया था। सभी ने दोनों को मारपीट कर बेहोश कर दिया था। जिसमें वंश के आंख सिर हाथ पैरों में फै्रक्चर होने पर उसे गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था।

वहीं आशीष को भी गंभीर चोट आई थी। वंश की मां नीतू सचदेवा ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कैलाशपुरी चौकी इंचार्ज ने हमलावरों के साथ सांठगांठ कर धारा 307 के बजाय धारा 308 में मुकदमा दर्ज कर दिया था। वंश और आशीष एक महीना से ज्यादा अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे। पीड़ित परिवार ने कई बार थाना पुलिस और एसएसपी से मिलकर सही धारा में मुकदमा दर्ज करने और हमलावरों की गिरफ्तारी करने की मांग की गई।

लेकिन चौकी इंचार्ज ने चारों हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि केस के विवेचक कैलाश पुरी चौकी इंचार्ज केक गौतम ने आरोपियों से सांठगांठ कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की। मुकदमे का एक आरोपी अमन पंडित खुद कोर्ट में सरेन्डर कर जेल गया। लेकिन तीन अन्य आरोपी नितिन उर्फ मोनू हाइडिल निवासी शास्त्रीनगर और देव काजला, अनुराग को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि चौकी इंचार्ज केके गौतम उल्टा उन्हें धमकाकर केस में फैसले का दबाव बनाने में जुटा। जबकि आरोपी खुलेआम घूम कर धमकी देने में लगे हैं। तीनों हमलावर चौकी इंचार्ज के संरक्षण में रहकर केस को वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने आज तक वंश की दो तोले की सोने की चेन व डेढ़ लाख कीमत का मोबाइल भी बरामद नहीं किया है। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से हमलावरों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।

साहब! पुलिस करवाती है सट्टा, चरस का धंधा

सट्टा, चरस, गांजा, स्मैक का धंधा करने पर महीने की मोटी रकम जाती है थाने को। अगर तुम आपत्ति करोगे तो पुलिस से फर्जी मुकदमा दर्ज करवा देंगे पति और बच्चों पर। यह आरोप किसी व्यक्ति ने नहीं लिसाड़ी गेट की एक महिला ने सट्टा कारोबारी पर लगाते हुए थाना पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े किये हैं। लिसाड़ी गेट में सट्टा चरस नशे का धंधा जोरों पर है। पुलिस संरक्षण में चल रहे इस ध्ांधे की शिकायत करने लिसाड़ी गेट इत्तेफाक नगर निवासी महिला अफसाना पत्नी युनूस शनिवार को पुलिस आॅफिस पर एसएसपी से शिकायत करने पहुंची।

अफसाना नाम की महिला ने पुलिस आॅफिस पर कहा, एसएसपी साहब पड़ोस में सट्टा नशे का धंधा हो रहा है। धंधा करने वाले को मना किया तो धमकी देते हैं कि हमारा यहां की पुलिस को महीने में मोटा पैसा जाता है। जब लिसाड़ी गेट पुलिस को आपत्ति नहीं है तो तुम क्यों विरोध करती हो। उसने बताया कि वह शुक्रवार की रात को अपने घर पर थी। पति बाहर गये हुए थे। बच्चे घर पर थे।

पड़ोस में सट्टा माफिया साबिर के बेटे अल्लू,लाल, परवेज उर्फ पीला व बेटी छोटी घर के बाहर स्मैक चरस पीकर नशे की हालत में झगड़ा कर रहे थे। शोर शराबा सुनकर उन्हें मना किया तो साबिर के बच्चों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी देने लगे कि तेरे पति और बच्चों को लिसाड़ी गेट पुलिस से फर्जी मुकदमा लगवाकर जेल में भिजवा देंगे।

पुलिस को मोटी रकम देते हैं तू हमारा धंधा बंद नहीं करवा सकती। महिला ने एसएसपी से सट्टे व नशे का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले भी लिसाड़ी गेट के सट्टा कारोबारी नम्मो पर भी लोगों ने क्षेत्र में सट्टे का खुलेआम धंधा करने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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