जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण की हुई 118वीं बोर्ड बैठक में तय किया गया कि एमडीए परिसर में भूमिगत पार्किंग बनाई जाएगी। पार्किंग के ऊपर जमीन पर मल्टीपरपज हाल बनाया जाएगा। 14 प्रस्तावों में सबसे अहम प्रस्ताव शहर की बड़ी समस्या के समाधान के लिए था। एमडीए परिसर में ही जिस स्थान पर वर्तमान में वाहन खड़े होते हैं वहां पर जमीन के ऊपर मल्टीपरपज हाल बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 500 लोगों की होगी।
इसका उपयोग सार्वजनिक रूप से किया जाएगा। शहर के अंदर किसी गोष्ठी, सेमिनार, बैठक, सम्मेलन आदि के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। इस हाल के नीचे भूमिगत पार्किंग बनेगी। तीन तल की पार्किंग होगी। प्रत्येक भाग में 90 वाहन खड़ा करने की क्षमता होगी। इस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

शनिवार को मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता व जिलाधिकारी के. बालाजी, एमडीए वीसी मृदुल चौधरी, सचिव चंद्रपाल तिवारी आदि की उपस्थिति में एमडीए बोर्ड की बैठक हुई। शताब्दीनगर सेक्टर एक में अधूरे खड़े वीसी बंगले को अब बेचा नहीं जाएगा। उसकी मरम्मत कराकर उसका उपयोग सामुदायिक केंद्र के रूप में किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में जमीन समेत इसकी कीमत करीब 11 करोड़ रुपये है। इसका भवन तैयार है लेकिन प्लास्टर आदि कार्य नहीं हुए हैं। इसे कई साल से बेचने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। एक ही रंग व ढांचे के होंगे सभी मकान व दुकानचर्चा हुई कि या तो हापुड़ अड्डा चौराहा से तेजगढ़ी तक की रोड को चुना जाए या फिर नगर निगम किसी एक सड़क आदर्श बनाने की तैयारी कर रहा है उसे इसके लिए चुना जाए।
उम्मीद थी कि बागपत रोड लिक मार्ग के लिए जमीन से संबंधित प्रक्रिया के लिए भी प्रस्ताव रखा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया गया कि सेना के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। बराल परतापुर व दौराला में ग्रीन वर्ज पर अब पेट्रोल पंप खोलने व सीएनजी स्टेशन खोलने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि इसके लिए सशर्त अनुमति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर कमिश्नर ने दिये निर्देश
मेरठ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे को लेकर कमिश्नर ने मंडल के सभी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस में बात कर दिशा निर्देश दिये। कमिश्नर ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। सभी तैयारियां प्रोटोकॉल के हिसाब से की जाएं। मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम के कड़ी सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराई जाएं।
इसके अतिरिक्त माननीय प्रधानमंत्री के आगमन, स्वागत एवं विदाई, हेलीपेड पर व्यवस्था, यातायात प्रबंध, मार्ग पर बैरिकेडिंग, अति विशिष्ट महानुभाव की व्यवस्था, फ्लीट की व्यवस्था, वाहनों की जांच और कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं पानी इत्यादि की व्यवस्था तथा अस्थाई विद्युत कनेक्शन तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल के अनुरूप समस्त व्यवस्थाओं हेतु विभागवार अधिकारियों को जिम्मेदारियां प्रदान की गई।
अधिकारियों से अपेक्षा की गई की सौंप गए कार्यों में कोई त्रुटि ना हो तथा कार्यक्रम का सकुशल एवं सफल आयोजन कराया जाए। बैठक में जिलाधिकारी गौतमबुधनगर, सीडीओ गौतमबुधनगर, अपर जिलाधिकारी, सीएमओ, एसडीएम जेवर, एसडीएम नोएडा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे तथा क्षेत्रीय विधायक सम्मिलित रहे।
एमडी ने आरआरटीएस साइटों का किया निरीक्षण
मेरठ: एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह, एमडी, एनसीआरटीसी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज दिल्ली और दुहाई के बीच दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
एमडी ने प्राथमिकता खंड को लागू करने के लिए दुहाई डिपो के संचालन की गंभीरता पर विचार किया। उन्होंने डिपो साइट पर व्यवस्थापक भवन सहित विभिन्न चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और सिस्टम ठेकेदारों के मोबिलाइजेशन शेड्यूल को समझा। उन्होंने विद्युत मास्ट स्थापना, ट्रैक बिछाने की गतिविधियों आदि के चल रहे कार्यों का संज्ञान लिया और गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करते हुए कार्य की गति पर संतोष व्यक्त किया। प्राथमिकता खंड के सभी पांच स्टेशन अब आकार ले रहे हैं।

उन्होंने गुलधर, गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशनों पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए इंजीनियरों, ठेकेदारों और श्रमिकों की चुनौतियों को समझने के लिए उनसे बातचीत की। दिल्ली खंड में उन्होंने आनंद विहार में निर्माण प्रगति की समीक्षा की और स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कॉरिडोर के भूमिगत खंड के लिए कास्टिंग यार्ड निर्माण खंड का भी दौरा किया। सिंह ने काम की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
सभी से साइटों पर स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करने और अपनी तरह की इस पहली बुनियादी ढांचा परियोजना के विकास में जनता को असुविधा को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने स्थलों पर किए जा रहे विभिन्न प्रदुषण नियंत्रण के उपायों को समझने में गहरी रुचि ली।
उन्होंने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और टीमों को इस क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की स्थिति को देखते हुए उचित समझे जाने वाले उपायों को और तेज करने के लिए प्रोत्साहित किया।

