नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉट कॉम वेबसाइट पर आपका अभिनन्दन और स्वागत है आज बुधवार को योगी सरकार की योगी सरकार ने अपना दूसरा आम बजट पेश किया है। योगी सरकार 2.0 अपना दूसरा बजट पेश किया है। साल 2023-24 का यह बजट 6 लाख 90 हजार 242 करोड़ 43 लाख रुपए का है। जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार के इस बजट की आलोचना की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल ने जमकर निशाना साधा। शिवपाल यादव ने कहा “आज का बजट नौकरशाही के नाम, आंकड़ों की बाजीगरी को सलाम।’ वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने बजट की ऊंट के मुंह जीरा बताया।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में कुछ भी नहीं दिखता, सिर्फ ऐतिहासिक बोलने से कुछ नहीं होगा। इस सरकार को सिर्फ मेला लगाने आता है। बजट ऐसा इंतजाम नहीं है, जिससे निवेश आए। जो निवेशक यहां आए, यहां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं इज ऑफ डूइंग क्राइम हो गया है। सपा प्रमुख ने कहा कि फायर की NOC नहीं मिलती है। नमामि गंगा में मां गंगा को बुलाया था वो भी बर्बाद हो गया। क्या किसान को वाजिब दाम मिल रहा है। क्या आमदनी दुगनी हो गई।
कम-से-कम पूजा पाठ को तो दिखावे का विषय न बनाएं। भाजपाई बजट पर हाथ रखकर कहें कि भ्रष्टाचार नहीं करेंगे और एक-एक पैसे का सही इस्तेमाल करेंगे।
भाजपाइयों का प्रचार प्रेम अद्वितीय है। pic.twitter.com/skVGrHQOK1
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 22, 2023
दिशाहीन बजट जिसमें न वर्तमान की समस्याओं का सुलझाव है न भविष्य का रास्ता, न रोज़गार है न उसका विचार… ऐसे कैसे बनेगी 1 ट्रिलियन की इकॉनमी? pic.twitter.com/ywk2z8op7A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 22, 2023
अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ में बिना इलाज के लोग मर रहे है। सपा के समय के मेडिकल कॉलेज चल है। इकाना भी सपा के समय ही बना हुआ है। जो सीएम क्रिकेट ना खेल पाते हो वो क्या करेगे। उन्होंने कहा कि ये सरकार छात्रवृत्ति नहीं दे रही है। जातिगत गणना के लिए कोई बजट नहीं है। वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी नहीं बना सकते। किसान फंड नहीं बनाया। गोरखपुर में नाला बनाया जाएगा। सीएम को गोबर पसंद है। मंत्री को समिट के दौरे पर बुलडोज़र लेकर जाना चाहिए था।

उधर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सरकार ने सदन में पेश बजट जनहित व जनकल्याण का कम एवं लोकसभा चुनाव स्वार्थ को लेकर पुनः वादों का पिटारा। क्या इस अवास्तविक बजट से यहां की जनता का हित व कल्याण तथा भारत का ग्रोथ इंजन बनने का दावा पूरा होगा? कर्ज में डूबी यूपी को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट चाहिए”।
1. यूपी सरकार द्वारा सदन में आज पेश बजट जनहित व जनकल्याण का कम एवं लोकसभा चुनाव स्वार्थ को लेकर पुनः वादों का पिटारा। क्या इस अवास्तविक बजट से यहाँ की जनता का हित व कल्याण तथा भारत का ग्रोथ इंजन बनने का दावा पूरा होगा? कर्ज में डूबी यूपी को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) February 22, 2023
2. यूपी भाजपा सरकार अपनी बहुप्रचारित घोषणाओं, वादों व दावों को ध्यान में रखकर यहाँ महंगाई से त्रस्त लगभग 24 करोड़ जनता की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पिछड़ेपन एवं अराजकता आदि से उत्पन्न बदहाली को दूर करने हेतु अपनी कथनी एवं करनी में अन्तर से जनता के साथ विश्वासघात क्यों?
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3.यूपी सरकार द्वारा लोकसभा आमचुनाव के मद्देनजर नए भ्रमकारी वादे व दावे करने से पहले पिछले बजट का ईमानदार रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने नहीं रखने से स्पष्ट है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में प्रति व्यक्ति आय व विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार व जुमलेबाजी। बजट ऊँट के मुँह में जीरा।
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4. लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि, रोजगार व सरकारी भर्ती आदि तो दूर, उन पर कर्ज का बढ़ता बोझ सरकार की गलत नीतियों व प्राथमिकताओं का प्रमाण। कर्ज के बढ़ते बोझ से स्पष्ट है कि सरकार, दावों एवं प्रचारों के विपरीत, हर मोर्चे पर विफल हो रही है।
— Mayawati (@Mayawati) February 22, 2023
1. उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन आज माननीया राज्यपाल का अभिभाषण लोगों को त्रस्त करती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ेपन व अशान्त माहौल आदि के खास मामलों में सरकार द्वारा अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का निरर्थक प्रयास। कुल मिलाकर जनता को काफी मायूस करने वाला। 1/2
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2. यूपी में सत्ताभोगी तत्वों को छोड़कर, सरकारी दावों के विपरीत, आज हर वर्ग, समाज व समुदाय सरकार की संकीर्ण एवं द्वेषपूर्ण नीतियों व कार्यकलापों का भुक्तभोगी तथा उससे पीड़ित/दुःखी। लोगों को उनका हक व इंसाफ नहीं मिल पाना सरकार की सबसे बड़ी विफलता। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दे। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) February 20, 2023
उन्होंने कहा, “यूपी भाजपा सरकार अपनी बहुप्रचारित घोषणाओं, वादों व दावों को ध्यान में रखकर यहां महंगाई से त्रस्त लगभग 24 करोड़ जनता की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पिछड़ेपन एवं अराजकता आदि से उत्पन्न बदहाली को दूर करने हेतु अपनी कथनी व करनी में अन्तर से जनता के साथ विश्वासघात क्यों?”
बसपा प्रमुख ने कहा, “यूपी सरकार द्वारा लोकसभा आमचुनाव के मद्देनजर नए भ्रमकारी वादे व दावे करने से पहले पिछले बजट का ईमानदार रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने नहीं रखने से स्पष्ट है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में प्रति व्यक्ति आय व विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार व जुमलेबाजी. बजट ऊंट के मुंह में जीरा।”
उन्होंने कहा, “लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि, रोजगार व सरकारी भर्ती आदि तो दूर, उन पर कर्ज का बढ़ता बोझ सरकार की गलत नीतियों व प्राथमिकताओं का प्रमाण। कर्ज के बढ़ते बोझ से स्पष्ट है कि सरकार, दावों एवं प्रचारों के विपरीत, हर मोर्चे पर विफल हो रही है।”

