Sunday, January 23, 2022
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मैराथन दौड़ में हंगामा, चीटर-चीटर के नारे

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  • प्रतिभागियों ने कहा, अपनों को दिए जा रहे इनाम, कांग्रेस ने कहा भाजपाइयों ने कराया हंगामा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लड़की हूं लड़ सकती हूं…मैराथन में लड़कियां खूब लड़ी, यहां मैराथन शुरू होने से पहले ही विवाद शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे मैराथन होनी थी। पहले टी शर्ट कम पड़ने की वजह से मैराथन 11 बजे शुरू हो पाई और फिर रूट में मैराथन बिखर गई। जैसे-तैसे लड़कियां दौड़कर स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंची थी, कौन फर्स्ट, कौन सेकेंड और रूट का विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेसी यहां वीडियो के माध्यम से रिजल्ट घोषित करने की बात करने लगे।

जिसे लेकर यहां हंगामा खड़ा हो गया और कांग्रेस चीटर-चीटर के नारे लगने शुरू हो गये। गुस्साई लड़कियों ने कांग्रेसियों पर ब्रेसलेट और उनकी टीशर्ट भी फेंकी। इसे लेकर प्रतिभागियों ने स्टेडियम के बाहर जाम भी लगा दिया और कांग्रेसियों पर रिजल्ट में धोख करने का आरोप लगाया। बाद में कांग्रेसियों ने वीडियो के माध्यम से परिणाम घोषित किया और उपहार की संख्या भी बढ़ाई।

मेरठ के कैलास प्रकाश स्टेडियम में सुबह आठ बजे से परिजनों और स्कूली शिक्षकों के साथ डट गईं थी। कांग्रेसियों ने टीशर्ट की व्यवस्था पर्याप्त नहीं की थी, टीशर्ट कम पड़ गई तो सुबह नौ बजे प्रस्तावित मैराथन का समय 11 बजे कर दिया गया। कांग्रेसियों के अनुसार करीब पांच हजार टीशर्ट बांटी गई।

इसके बाद सुबह 11 बजे मैराथन अव्यवस्था के बीच शुरू हुई। मुख्य अतिथि बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज बिजेंद्र सिंह मैराथन को हरी झंडी भी नहीं दिखा पाये। पूर्व मिस फेमिना मान्या सिंह व फिल्म अभिनेत्री अर्चना गौतम, पूनम पंडित ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद मैराथन के रूट पर भटकाव हो गया।

मैराथन समाप्त होते-होते ही अव्यवस्था और फर्स्ट सेकेंड व रुट को लेकर विवाद खड़ा हो गया। अतिथियों से लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला, महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी, अखिल कौशिक, हरिकिशन वर्मा, रंजन शर्मा, डोली शर्मा, सेवा दल के विनोद सोनकर समेत सभी लड़कियों को समझाते रहे, लेकिन लड़कियां समझने को तैयार नहीं थी। मंच से कांग्रेसियों ने कहा कि कि दोबारा मैराथन करा दें तो लड़कियों ने इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि साजिश है आरएसएस और बीजेपी की। प्रियंका वाड्रा के सफल कार्यक्रम को खराब करने का काम किया तो मंच के सामने खड़ी लड़कियों में से कुछ ने पार्टी विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी तो कुछ ने लड़की हूं लड़ सकती हूं के नारे लगाए। लड़कियों ने कांग्रेस बेईमान तक के नारे लगाये। प्रतिभागी छात्राओं का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ, उन्होंने स्टेडियम के बाहर निकलकर यहां जाम लगा दिया और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी तक की।

यहां विवाद शुरू से ही शुरू हो गया था। मैराथन में दौड़ने आई लड़कियों, महिलाओं को दो घंटे स्टेडियम में खड़ा रखा गया। सुबह आठ बजे से लड़कियों को स्टेडियम में बुलाया गया और दौड़ 11.30 बजे शुरू की गई। इस कारण दौड़ने से पहले ही लड़कियां थक गईं। कई लड़कियों ने इस पर आपत्ति भी उठाई। मैराथन के मुख्य अतिथि बॉक्सर बिजेंद्र कुमार थे, बिजेंद्र कुमार के न आने तक लड़कियों को रोके रखा। कई स्कूलों, दूरदराज से आईं छात्राओं, लड़कियों को परेशान होना पड़ा।

स्कूटी और प्रियंका से मिलवाने का बहाना

कांग्रेसियों ने मैराथन में दौड़ने के लिए 18 साल की आयु रखी थी। भीड़ बढ़ाने के लिए यहां कम उम्र की बालिकाओं को भी स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं से बुलवा लिया गया। कई सरकारी स्कूलों में छठवीं से आठवीं कक्षा में पढ़ने वालीं छात्राएं मैराथन में थीं। बालिकाओं ने कहा कि हमें स्कूटी मिलेगी, प्रियंका गांधी से मिलने का मौका मिलेगा यह कहकर बुलाया गया है। जब उन लड़कियों से पूछा कि पहले भी कभी दौड़ी हैं तो उन्होंने कहा नहीं पहली बार ही दौड़ने आए हैं। कई स्कूलों से कहा गया कि बस लड़कियों को भेज देना, लड़की दिखने में थोड़ी बड़ी लगनी चाहिए।

हंगामे के बाद विजेता प्रतिभागियों की घोषणा

मैराथन में प्रतियोगिता के विजेताओं को लेकर विवाद काफी देर तक चला। बाद में कांग्रेसियों की ओर से वीडियो के माध्यम से विजेताओं के नामों की घोषणा की गई। जिला अध्यक्ष अवनीश काजला ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रूबी, द्वितीय बाधो, तृतीय सोनम व चतुर्थ स्थान रीना शर्मा का रहा। प्रथम पुरस्कार पाने वाली छात्रा को एक स्कूटी दी गई व अन्य विजेताओं में तीन को मोबाइल फोन दिया गया।

बाकी 10 छात्राओं को ब्रेसलेट दिया गया। उन्होंने बताया कि वीडियो देखने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इनामों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। जिसमें अब प्रथम को स्कूटी, 25 मोबाइल और 100 हेल्थ बैंड दिये जाने हैं। दौड़ में करीब 4500 छात्राओं ने भाग लिया। बाकी को शीघ्र ही पुरस्कार वितरित किये जाएंगे। चार विजेताओं को पुरुस्कार दिये गये हैं।

हंगामे के पीछे आरएसएस, भाजपा का हाथ

जिलाध्यक्ष कांग्रेस अवनीश काजला ने कहा कि सरकार कांग्रेस के इस अभियान से डरी नजर आ रही है। सुबह यहां काफी संख्या में छात्राओं की भीड़ एकत्र हो गई थी। इतनी भीड़ को देखने के बाद यह सब षड्यंत्र के तहत एबीवीपी, भाजपा व आरएसएस की ओर से किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं का चयन उनकी काबलियत के आधार पर हुआ है। चार प्रतिभागियों को इनाम दिया गया है।

बाकी को भी जल्द वितरित कर दिये जाएंगे। उधर, प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यू त्यागी ने भी इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताया। सत्त पक्ष से जुड़े लोगों ने अपने खिलाड़ियों को मैराथन में शामिल कराकर यह हंगामा कराया। यहां उन्होंने अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। भाजपा उनके इस अभियान से डर गई है।

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