Tuesday, April 28, 2026
- Advertisement -

Vastu Tips: अपने बाथरूम में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना झेलनी पड़ेंगी भारी समस्याएं

Vastu Tips: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का एक विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि, यदि हमारे घर में चीजें या घर भी वास्तु शास्त्र के अनुसार नहीं है तो अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा का भी काफी महत्व है। यदि हम वास्तु के हिसाब से अपने घर में चीजें रखेंग तो घर में खुशहाली बनी रहेगी। साथ ही घर में सकारात्मकता प्रवेश करेंगी। वहीं, सनातन धर्म में वास्तु के नियम पालन करना चाहिए। ऐसा करने से घर में आ रही परेशानी दूर होंगी साथ ही ग्रह दोषों से मुक्ति मिलेगी।

वहीं, वास्तु के अनुसार घर के बाथरूम में रखी ये चीजें दरिद्रता का कारण बनती है। इन चीजों के चलते व्यक्ति तमाम तरह की परेशानियों में उलझा रहता है। तो चलिए जानते हैं घर के बाथरूम में ऐसी क्या चीजें हैं जो रखनी नहीं चाहिए।

  • इन चीजों को न रखें अपने बाथरूम में

    वास्तु के अनुसार बाथरूम में भूलकर भी टूटा शीशा न लगाएं। बाथरूम में टूटा शीशा रखने से घर में वास्तु दोष लगता है, जो आर्थिक तंगी का करण बनता है।

  • भूलकर भी बाथरूम में टूटी चप्पल न रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
    आमतौर पर कुछ लोग बाथरूम में खाली बाल्टी रखते है। वास्तु में इसे उचित नहीं माना गया है। दरअसल, बाथरूम में खाली बाल्टी रखना अशुभ होता है। यह दुर्भाग्य का कारण बनती है।
  • सामान्य तौर पर नहाने के बाद कुछ लोग बाथरूम में गीले कपड़े रख देते हैं। हालांकि, ऐसा करना उचित नहीं है। वास्तु के अनुसार बाथरूम में गीले कपड़े रखने से सूर्य दोष लग सकता है।
  • कुछ लोग बाथरूम की सजावट करने के लिए उसके आसपास पौधे रख देते हैं। इस कारण उनमें गंदे पानी की बूंद पड़ जाती है, जो शुभ नहीं है। वास्तु के अनुसार बाथरूम में या उसके पास पौधे न रखें। यह जल्दी खराब हो सकते हैं। साथ ही इससे घर में वास्तु दोष बढ़ सकता है।
spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

यज्ञ और वैदिक कर्मकांड से अधिक फल देता है मोहिनी एकादशी व्रत

पंडित पूरनचंद जोशी हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह में...

धर्म को आचरण और व्यवहार में उतारने की जरूरत

राजेंद्र बज यह एक स्थापित तथ्य है कि विशुद्ध रूप...

वोट में ही क्या धरा है?

ये लो कर लो बात। विधानसभा चुनाव का वर्तमान...

ट्रंप के लिए न निगलते न उगलते जैसे बने हालात

भारत के खिलाफ 23-24 अप्रैल की हालिया टिप्पणी और...

जारी है दल बदल की राजनीति

सिद्धांत व विचारविहीन राजनीति करते हुए अपनी सुविधा,लाभ व...
spot_imgspot_img