- 10 घंटे छावनी में तब्दील रहा कुसैड़ी गांव
- बूथ कैप्चरिंग के मुकदमे को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष
जनवाणी संवाददाता |
जानी खुर्द: कुसैड़ी में बूथ कैप्चरिंग की शिकायत के बाद चुनाव आयोग व जिला प्रशासन द्वारा भारी पुलिस फोर्स व संगीनों के साये में 65 प्रतिशत पुनर्मतदान हुआ। मतदान के दौरान ग्रामीणों व युवाओं ने मतदान करने में कम रुचि दिखाई दी। बूथ कैप्चरिंग में पुलिस द्वारा दर्ज किये गये मुकदमे 23 लोगों को जेल भेजने से रोष व गांव में तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने थाना पुलिस व पीठासीन अधिकारी पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाकर पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारियों से मिलने की बात की है।

पंचायत चुनाव के चलते गत 26 अप्रैल को कुसैड़ी में जिला पंचायत, बीडीसी, ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव हुआ था। इस चुनाव में पीठासीन अधिकारी ने स्थानीय थाने पर कुसैड़ी के बूथ संख्या-130 व 131 पर ग्रामीणों द्वारा बूथ कैप्चरिंग करने की शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
चुनाव आयोग द्वारा बूथ 130 व 131 पर हुए चुनाव को निरस्त कर पुन: मतदान के आदेश दिये गये। कुसैड़ी में दो बूथों पर पुनर्मतदान के आदेश पर शनिवार को भारी पुलिस फोर्स व संगीनों के साये में पुनर्मतदान कराया गया। कुसैड़ी में हुए पुनर्मतदान को संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस फोर्स के साथ-साथ, सरधना, मवाना, देहली गेट, रोहटा, सीओ सरधना, सीओ सिविल लाइन सहित आधा दर्जन थानों की फोर्स व तीन प्लाटून पीएसी आदि के साथ शांति पूर्ण मतदान कराया गया।
बूथ 130 पर 704 वोटों में पहले 504 वोट डाली गई थी, लेकिन शनिवार को हुए पुनर्मतदान में 436 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। बूथ 131 पर 653 वोटों में पहले 482 वोट डाली थी, लेकिन पुनर्मतदान में मात्र 436 लोगों ने ही वोट डाले। कुसैड़ी में हुए पुनर्मतदान में मात्र 65 प्रतिशत वोट डल पायी। ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई से ग्रामीणों व युवाओं ने वोट डालने से दूरी बनाई। जिससे मतदान कम हुआ है।

