Tuesday, April 23, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutक्या टूटेगा मिथक? जिसकी सत्ता, उसका नहीं बना मेयर

क्या टूटेगा मिथक? जिसकी सत्ता, उसका नहीं बना मेयर

- Advertisement -
  • 7 महापौर में 5 बार हिंदू एवं 2 बार मुस्लिम प्रत्याशियों ने लहराया जीत का परचम
  • बीते 2017 के चुनाव में भाजपा ने महापौर पद के लिये झोंक दी थी पूरी ताकत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: क्रांतिधरा पर महापौर एवं वार्ड पार्षद के चुनाव में जीत का परचम लहारने को भाजपा, सपा व बसपा के साथ कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी भी अपनी खास रणनीति तैयार करने में जुटी हैं। जिसमें महापौर पद के प्रत्याशी के चयन से लेकर वार्ड पार्षद के चुनाव तक अपने प्रत्याशी को चुनाव जीताने के लिये ऐड़ी-चोटी का जोर लगाये हुये हैं।

वहीं देखना है कि इस बार जिस पार्टी की सरकार प्रदेश में होती है, उसका महापौर नहीं बनता। क्या इस मिथक को भाजपा तोड़ पाएगी या नहीं। पिछली बार भी बसपा जीती थी। इस सीट पर कौन जितेगा? क्योंकि मेयर की यह सीट बेहद अहम हैं, सत्ता और विपक्ष के लिए।

क्रांतिधरा पर नगर निगम में जब से महापौर पद सुशोभित हुआ है, तब से जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार बनी उस पार्टी का महापौर नहीं बन सका। सन् 1989 में महापौर पद बना और वर्तमान 2023 तक के चुनाव में सात बार महापौर पद के लिये चुनाव हुआ और तीन बार डीएम ने नगर निगम में प्रशासक के रूप में पदभार संभाला। सात महापौर पद पर चुनाव के दौरान 5 बार हिंदू प्रत्याशी ने जीत का परचम लहराया और दो बार मुस्लिम प्रत्याशी ने जीत का परचम लहराया।

इस बार भाजपा एवं बसपा और सपा के लिये मेरठ महापौर पद पर जीत का परचम लहराना प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है। देखना है कि इस बार जिस पार्टी की सूबे में सरकार होती है। उसका महापौर नहीं बनता, वहीं जो वर्तमान में बसपा की महापौर हैं। उस बसपा पार्टी से जो भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरेगा वह फिर से 2017 के चुनाव के इतिहास को दोहरा पायेगा।

वहीं, सपा के सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरी सपा विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान जीत का परचम लहरा पायेगी या नहीं। वहीं, केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है। मेरठ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री लक्ष्मीकांत वाजपेई एवं सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, हस्तिनापुर से विधायक एवं राज्यमंत्री दिनेश खटीक समेत तमाम दिग्गज महापौर पद के चुनाव पर जीत का परचम लहराने को ऐड़ी चोटी का जोर लगाये हुये हैं।

20 24

देखना है कि इस बार महापौर पद पर किस पार्टी के द्वारा अपने प्रत्याशी को चुनाव मैदान में जीताकर महापौर पद को सुशोभित करेगी। जिसको लेकर सभी पार्टी के प्रदेश एवं राष्टÑीय स्तर के नेताओं की नजरें मेरठ के महापौर पद के चुनाव पर टिकी हैं। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य महापौर पद की तैयारियों को लेकर मेरठ का दौरा कर समीक्षा कर चुके हैं।

यह चुनाव आगामी वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिये भी सपा, बसपा एवं भाजपा के लिये महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा पार्टी के द्वारा क्रांतिधरा पर पिछड़ा वर्ग में आरक्षित महापौर सीट पर जीत का परचम लहराने के लिये पंकज सिंह को महानगर प्रभारी एवं मुकेश सिंघल को महानगर अध्यक्ष एवं प्रभारी मंत्री के रूप में धर्मपाल सिंह कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं चुनाव संयोजक के रूप में सुरेश जैन ऋतुराज सदस्य अल्पसंख्यक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, सपा एवं बसपा के द्वारा भी इस सीट पर जीत का परचम लहराने को खास रणनीति तैयार की गई है। वहीं, कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के द्वारा भी अपने-अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारकर जीत का स्वाद चखने के लिये पूरी ताकत के साथ रणनीति तैयार कर रही है।

जिसमें जातिगत एवं धार्मिक आधार वार वोटरों की संख्या के आधार पर वह अपना-अपना जीत का चुनावी गणित तैयार करने में जुटी हैं। भले ही वह जीत का खाता खोल सकें या नहीं। यह तो मतगणना के बाद ही पता चल सकेगा कि क्रांतिधरा पर जीत का परचम कौन-सी पार्टी लहरायेगा।

ये रहा महापौर का सफर

  • नगर निगम में 7 फरवरी 1989 नगर प्रमुख से लेकर 2023 तक महापौर पद तक का सफर
  • नगर निगम में 10 में 7 बार नगर प्रमुख/महापौर की रही कमान-3 बार डीएम ने प्रशासक के रूप में संभाली निगम की कमान
  • अरुण जैन, नगर प्रमुख, 7 फरवरी 1989 से 7 फरवरी 1994 तक
  • अय्यूब अंसारी, नगर प्रमुख 30 नवंबर 1995 से 29 नवंबर 2000 तक
  • हाजी शाहिद अखलाक नगर प्रमुख/महापौर 30 नवंबर 2000 से 29 नवंबर 2005 तक
  • रामकृष्ण आईएएस जिलाधिकारी प्रशासक 30 नवंबर 2005 से 23 दिसंबर 2005 तक
  • सुशील कुमार गुर्जर महापौर 31 दिसंबर 2005 से 31 जनवरी 2006 तक
  • रामकृष्ण आईएएस डीएम/प्रशासक 1 फरवरी 2006 से 12 अप्रैल 2006 तक
  • मुकेश कुमार मेश्राम डीएम/प्रशासक 13 अप्रैल 2006 से 15 नवंबर 2006 तक
  • मधु गुर्जर महापौर 16 नवंबर 2006 से 18 जुलाई 2012 तक
  • हरिकांत अहलूवालिया महापौर,19 जुलाई 2012 से 12 दिसंबर 2017 तक
  • मेयर सुनीता वर्मा 12 दिसंबर 2017 से वर्तमान तक
What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments