- नौचंदी थाने की एक सिपाही पर नहीं लिखी जा रही कंप्यूटर पर शिकायत
- एंटी रोमियो की इंचार्ज ने थाना निरीक्षक को पत्र लिखकर परीक्षण दिलाने को कहा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिला उत्पीड़न के मामलों को लेकर सरकार ने सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की थी। ताकि उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को तत्काल न्याय मिल सकें। लेकिन थानों में बनीं महिला हेल्प डेस्क के हालात ऐसे है कि उन्हें खुद मदद की दरकार है।
यही नहीं कुछ थानों में महिला हेल्प डेस्क पर बैठी महिला सिपाहियों को कंप्यूटर चलाना तक नहीं आता। ऐसा ही एक मामला नौचंदी थाने की महिला हेल्प डेस्क का सामने आया है। जिसमें एंटी रोमियो की इंचार्ज ने नौचंदी थाना प्रभारी को पत्र लिखकर महिला सिपाही को प्रशिक्षण दिलाने की मांग की है।
छोटी-छोटी बातों को लेकर घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे है। जिस कारण महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है। यही नहीं उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरे तक खाना पड़ रहा था।
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिला उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनवाई थी। इसके साथ महिला हेल्प डेस्क पर एक महिला दारोगा समेत दो महिला पुलिसकर्मियो को तैनात किया गया था जो केवल महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों का ही निस्तारण करेंगी।
हालांकि सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क के खुलने से उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की सुनवाई भी हो रही है और तत्काल इंसाफ भी मिल रहा है। लेकिन जिले के कुछ थानों की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला सिपाहियों को कंप्यूटर तक चलना नहीं आता। यदि किसी महिला सिपाही को कंप्यूटर चलाना आता है तो वह सही से शिकायत नहीं लिख पाती है।
ऐसा ही एक मामला गुरुवार को नौचंदी थाने की महिला हेल्प डेस्क पर देखने को मिला है। महिला सिपाही की शिकायत मिलने पर एंटी रोमियो की प्रभारी अंजू तेवतिया ने नौचंदी थाना निरीक्षक प्रेमचंद शर्मा को पत्र लिखकर महिला सिपाही को दस दिन का प्रशिक्षण दिलाने को कहा है। ताकि उसे कंप्यूटर चलाने के अलावा शिकायत लिखने का प्रशिक्षण दिया जा सकें

