Monday, March 9, 2026
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जानिए, प्राइमरी टीचर्स को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में प्राइमरी टीचर्स अब आसानी से ट्रांसफर ले पाएंगे। दरअसल राज्य सरकार ने नए फैसले के तहत ग्रामीण और शहरी काडर खत्म कर रही है। ऐसा होने के बाद प्राइमरी शिक्षकों का ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रें और शहरों से गांवों में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

इस संबंध में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि, “परिषद शिक्षा में शिक्षकों के शहरी और ग्रामीण काडर को समाप्त किया जाएगा। इससे शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में स्थानांतरित करने में आसानी होगी।” उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की अधिकता है और शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है। कैडर खत्म होने से शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी खत्म हो जाएगी।

इंग्लिश मीडियम काउंसिल के स्कूल होंगे बंद                              

इसके साथ ही राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि जो इंग्लिश मीडियम काउंसिल के स्कूल खोले गए थे, उन्हें अब नई शिक्षा नीति के तहत बंद कर दिया जाएगा। सभी स्कूल मातृभाषा में शिक्षा देंगे और इसके लिए तैयारी कर ली गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने बताया, ”प्रधानाचार्यों को टैबलेट दिए जाने हैं। इसके लिए एक कमेटी आईआईटी कानपुर की राय लेगी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2021 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और सरकारी स्कूल के छात्रों के अंग्रेजी बोलने के स्किल को मिशनरी और कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों के बराबर लाने के लिए 15,000 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया था।

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की होगी पदोन्नति                                        

बता दें कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्राइमरी टीचर्स को प्रमोट करने की प्रक्रिया भी जल्द से जल्द शुरू करने बात कही है। गौरतलब है कि पांच साल बाद प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नत करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही शिक्षकों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दे कि यूपी के 1.4 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में करीब तीन लाख सहायक शिक्षक और प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं, लेकिन 2016 से उनकी पदोन्नति नहीं हुई है।

वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में 10,000 से ज्यादा प्रधानाध्यापक पद खाली पड़े हैं। शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक विद्यालयों के सहायक शिक्षकों की पदोन्नति में कोई विवाद लंबित नहीं होने पर प्राथमिक विद्यालयों के सहायक शिक्षकों को प्राथमिक प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत करने के निर्देश जारी किए हैं।

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