- साथ काम करने वाले युवक से हुआ था विवाद, दुकान मालिक ने छिपाए रखी घटना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लालकुर्ती थाना के बड़ा बाजार इलाके में मिठाई की दुकान पर काम करने वाले एक युवक के साथ काम करने वाले अन्य युवक ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोप है कि दुकान मालिक ने मृतक के परिजनों से वारदात छिपाने का प्रयास किया। वहीं, दूसरी ओर दुकान मालिक का कहना है कि मौत मारपीट से नहीं, बल्कि हार्टअटैक से हुई है।
घटना लालकुर्ती बड़ा बाजार कौशल स्वीट पर हुई। संभल निवासी युवक विपिन के परिजनों ने उसकी हत्या व दुकान मालिक पर घटना को छिपाने व तथ्यों से छेड़खानी का आरोप लगाया है।
संभल के गांव धनाडी मीणा की मढइया निवासी विपिन करीब तीन माह पहले कौशल स्वीट्स पर काम करने आया था। इस दुकान पर समीर नाम का युवक भी काम करता है। बीते शनिवार की शाम विपिन व समीर के बीच कुछ कहासुनी हो गयी थी। जिसके चलते उनके बीच मारपीट हो गयी। बताया जाता है कि विपिन के पास से उठकर समीर नीचे आ गया। वहां अचानक उसकी तबीयत खराब हो गयी। वह बेहोश हो गया। मुंह से पानी निकलने लगा। दुकान मालिक उसको लेकर मेट्रो हॉस्पिटल ले गए। उसकी हालत देखकर डाक्टरों ने लौटा दिया।
वहां से उसको सुभारती लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कौशल स्वीट के सामने गुप्ता स्वीट पर विपिन के गांव का जयप्रकाश काम करता है। उसने विपिन के साथ हुए झगडेÞ की खबर उसके परिजनों को दी। परिजनों ने कौशल स्वीट के मालिक उज्जवल व शुभम से विपिन के साथ हुए झगड़े की जानकारी की तो उन्होंने मामूली बात कहकर मेरठ आने मना कर दिया। वहीं, देर रात आरोपी समीर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
घटना छिपाने का आरोप
आरोप है कि विपिन की मौत हो चुकी थी, लेकिन कौशन स्वीट के मालिकों ने उसके परिजनों यह यह सच्चाई छिपाई। परिजनों को जब गुप्ता स्वीट पर काम करने वाले जय प्रकाश ने बताया कि विपिन मर चुका है तो वो रोते बिलेखते मेरठ पहुंचे। थाना लालकुर्ती पर पूरी घटना को लेकर तहरीर दी और पोस्टमार्टम कराने को कहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि विपिन की मौत पिटाई से हुई है। उसके सीने पर गहरी चोट लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या का मामला है। उन्होंने कौशल स्वीट के मालिकों पर भी घटना को दबाने व छिपाने के आरोप लगाए। लालकुर्ती पुलिस का कहना है कि पिता हरपाल ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जांच की जा रही है। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चल सकेगा।
आदेश हत्याकांड: बयाने के पैसे की कुंडली खंगाल रही पुलिस
किठौर: थाना क्षेत्र के गांव आदेश की हत्या सिर में गोली मारकर गुरुवार की देर रात को ही की गई थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये स्पष्ट हो गया है, लेकिन हत्या की वजह बना बयाने का पैसा कहां है? इस पर अभी संशय बरकरार है। हत्याकांड से पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। रविवार को एसपी देहात ने सीओ व इंस्पेक्टर किठौर को लेकर पुन: घटनास्थल का निरीक्षण किया ग्रामीणों से बातचीत के बाद उन्होंने दोनों अधीनस्थों को विशेष दिशा-निर्देश दिए।
किठौर के शौल्दा में गुरुवार रात हुए आदेश हत्याकांड की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई है। रविवार को एसपी देहात राकेश मिश्रा ने इंस्पेक्टर ब्रजेश पांडेय और सीओ प्रमोद कुमार के साथ एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुछ ग्रामीणों से बातचीत भी की। एसपी देहात ने बताया कि पुलिस हत्याकांड से जुड़े कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। गांव में हत्या की वजह के रूप में चर्चा का विषय बना बयाने का पैसा और उससे लाभांवित होने वाले संभावित नातेदार सब जांच के दायरे में हैं। मृतक के बैंक एकाउंट में खासा पैसा है, लेकिन लेन-देन काफी पहले किया गया। बयाने का पैसा कहां है इस पर संशय है। क्योंकि आदेश की हत्या हो गई और उसकी चोटिल प्रेमिका अस्पताल में अभी कुछ बोल नहीं पा रही है।
ऐसे में तथ्यात्मक जानकारी आदेश के पीएनबी बैंक एकाउंट से ही मिलेगी। अवकाश में बैंक बंदी के चलते पुलिस ये जानकारी जुटा नहीं पाई। सोमवार को आदेश के खाते का अपडेट ब्योरा दिखवाया जाएगा। तत्पश्चात जांच आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस सर्विलांस के साथ-साथ हिरासत में लिए गए नामजद आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है। आदेश की प्रेमिका और घटना की चश्मदीद देववती से स्वास्थ्य में सुधार के बाद पूछताछ की जाएगी। एसपी ने सीओ व इंस्पेक्टर को निष्पक्ष जांच और सटीक कातिलों की गिरफ्तारी के अलावा कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस और खुफिया तंत्र पर प्रश्नचिह्न
आदेश हत्याकांड ने पुलिस के बीट सिस्टम और सरकारी खुफिया तंत्र की भी पोल खोल दी। पुलिस थाने और चौकियों में बीट सिस्टम होता है। इसके तहत सिपाही, दारोगाओं की हल्कावार गांवों में गश्त में ड्यूटी लगाई जाती है। लगता है पुलिस का ये बीट सिस्टम अब कागजों में सिमट गया। लोगों का कहना है कि यदि बीट सिस्टम धरातल पर होता तो पुलिस हत्या के 24 घंटे बाद तक बेखबर न रहती। यही हाल खुफिया तंत्र का रहा। ग्रामीणों ने बताया कि शराब तस्करी से लेकर संपत्ति (पैसे) पर आदेश और देववती में विवाद की चर्चा सरेआम थी, लेकिन खुफिया तंत्र को भी इसकी भनक न लगी।

