Monday, April 22, 2024
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पुलिस कस्टडी में टार्चर से युवक ने लगाई फांसी

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  • गंगानगर में सपा नेता के घर पड़ी डकैती में उठाया था
  • मेरठ कालेज में कार्यरत था, घर वालों का आरोप टार्चर से था दुखी
  • इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर उठने दिया शव

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंगानगर में सपा नेता श्रवण चौधरी के घर पर पड़ी 14 लाख की डकैती के मामले में पुलिस भले बदमाशों को न पकड़ पा रही हो लेकिन बेकसूर लोगों को उठाकर टार्चर जरुर कर रही है। सोलह नवंबर को मेरठ कालेज के जिस कर्मचारी को पुलिस ने पूछताछ के लिये उठाकर टार्चर किया था, उसने थाने से आने के बाद निर्माणाधीन मकान में फांसी लगाकर जान दे दी।

परिजनों ने खुलकर आरोप लगाया है कि पुलिस टार्चर के कारण डिप्रेशन में आने से सुसाइड किया है। परिजनों और भाजपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बीच सीओ सदर देहात के इंस्पेक्टर के खिलाफ आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजने पर परिजन राजी हुए।

गंगानगर के एफ-416 में रहने वाला फेरम राणा पुत्र करण सिंह मूलत इंचौली के बीटा गांव निवासी था। वह मेरठ कालेज में लाइब्रेरी डिपार्टमेंट में कार्यरत था। छह दिन पहले गंगानगर में सपा नेता श्रवण चौधरी के घर पर बदमाशों ने 14 लाख की डकैती डाली थी। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बदमाशों की स्विफ्ट डिजायर के पास फेरम सिंह राणा की वैगनआर खड़ी दिखी थी।

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सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर गंगा नगर एफ ब्लाक निवासी फेरम राणा को 16 नवंबर की शाम को उठा लिया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी जबकि पूरा परिवार फेरम को ढूंढने में लगा हुआ था। रात 1 बजे के करीब जब परिजन गंगा नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने गए तो पता चला कि पुलिस की हिरासत में है।

फेरम राणा के पुलिस हिरासत में होने की खबर लगते ही परिजन परेशान हो गए और राज्य मंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर से संपर्क किया। राज्य मंत्री ने एसएसपी से इस बारे में बात की। इसके बाद पुलिस ने 18 नवंबर की शाम को छोड़ दिया था। परिजनों ने बताया कि हिरासत से छूटने के बाद से राणा बुरी तरह से डिप्रेशन में थे और पूरी रात सो नहीं पाये थे।

रविवार की शाम को वो घर से निकल कर अम्हेड़ा स्थित निर्माणाणीन आवास में अंदर कमरे में गए और मेज पर चढ़कर चादर से कुंदे में फंदा लगाकर जान दे दी। जब घर वालों ने फेरम राणा को खोजा तो नहीं मिले। तभी किसी ने बताया कि कमरे में राणा ने फांसी लगाकर जान दे दी है। आसपास के लोग फेरम को उतारकर सूर्या अस्पताल ले गए जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया।

दरवाजा तोड़कर निकाला शव

रविवार दोपहर फेरम सिंह घर से निकले थे। पूरे दिन घर वाले फेरम सिंह को ढूंढते रहे। बार बार घर वाले फोन मिलाते रहे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जब वह दोपहर तक नहीं मिले तो परिजन फिर से गंगानगर थाने गए और गुमशुदगी की बात करने लगे।

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थाने में मौजूद पुलिस ने कहा कि फेरम को पुलिस लेकर नहीं आई है। तभी शाम को घर वाले जब निर्माणाधीन मकान में गए तो मकान का दरवाजा बंद था। उसे तोड़कर अंदर घुसे तो परिजनों की चीख निकल गई। फेरम राणा फांसी पर लटके हुए थे।

सपा नेता के यहां पड़ी थी डकैती

छह दिन पहले मेरठ में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के करीबी सपा नेता श्रवण कुमार के यहां सुबह सुबह आठ लाख रुपये की डकैती पड़ी थी। पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी में फेरम सिंह की कार भी नजर आई। इसी शक में पुलिस ने 16 नवंबर को फेरम सिंह राणा व अन्य दो लोगों को हिरासत में ले लिया था।

फेरम सिंह को पुलिस ने सरधना से हिरासत में लिया और तीन दिन पूछताछ के नाम पर थाने में बैठाए रखा। 18 नवंबर को पुलिस ने फेरम को छोड़ा। उसके बाद से ही डिप्रेशन में थे और खाना भी नहीं खा रहे थे। उन्हें डर था कि पुलिस दोबारा उन्हें उठा लेगी इससे समाज में बदनामी होगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि संभवत पुलिस के डर के कारण उन्होंने सुसाइड किया है।

आज बेटे का जन्म दिन

फेरम के घर में दोपहर से बेटे के बर्थडे की तैयारी चल रही थी। शाम को मौत की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी गीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीनों बेटे प्रणव, कार्तिक और हिमांशु की आंखे रोने के कारण सूज गई थी। परिवार में फेरम के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। घर में विधवा मां, और फेरम का परिवार रहता है।

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