Friday, May 31, 2024
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31 करोड़ टैक्स बकाया, आरएम आफिस पर लगाई सील

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  • सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद थे करीब 40 अधिकारी-कर्मचारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे अचानक पहुंची नगर निगम की टीम ने आरएम आॅफिस के प्रवेश द्वार पर सील लगा दी। यह कार्रवाई करीब 31 करोड़ रुपये के टैक्स की वसूली को लेकर की गई है। उस समय आरएम आॅफिस के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अपने अपने पटल पर कार्य कर रहे थे। नगर निगम की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई के दौरान स्टाफ को सूचित करके उन्हें बाहर निकालने तक की जरूरत महसूस नहीं की। इस कार्रवाई से परिवहन निगम में हड़कंप मच गया है। एसएम लोकेश राजपूत ने आयुक्त से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक को अवगत करा दिया है।

मंगलवार सुबह नगर निगम के अधिकारियों की टीम आरएम कार्यालय पहुंची। जिन्होंने कार्यालय के प्रवेश द्वार पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई सुबह करीब 10:30 बजे की गई। उस समय कार्यालय का ज्यादातर स्टाफ अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। इसी दौरान नगर निगम की टीम आई और प्रवेश द्वार पर सील लगाने का काम करके चुपचाप निकल गई। आरएम आॅफिस के अधिकारियों का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई के संबंध में नगर निगम की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें यह तक मालूम नहीं है कि यह सील किस आधार पर लगाई गई है।

जिस समय सीलिंग की यह कार्रवाई की गई उसे दौरान आरएम कार्यालय में तैनात करीब 40 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे,लेकिन नगर निगम की टीम में इन अधिकारियों कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकलने का भी कोई उपक्रम नहीं किया। समाचार भेजे जाने तक स्थिति यह है कि सभी अधिकारी कर्मचारी आम कार्यालय में लगी सीलिंग के कारण कैद होकर रह गए हैं। इस संबंध में लखनऊ मुख्यालय पर बात की जा रही है। कर अधिकारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि 2011 से लेकर अब तक आरएम आॅफिस से कोई टैक्स जमा नहीं किया गया है।

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यह राशि करीब 31 करोड़ रुपये हो चुकी है। जिसके संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। कुर्की तक के नोटिस आम कार्यालय में भेजी जा चुके हैं। लेकिन आम कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया है। जिसको लेकर उच्च अधिकारियों के आदेश पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। कर जमाना होने की स्थिति में अब कार्यालय कुर्क करके नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।

धोखे में रखकर लगाई गई सील

आरएम कार्यालय के मुख्य लेखा अधिकारी भारत भूषण ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें धोखे में रखकर सीलिंग की कार्रवाई की है। उनका कहना है कि नगर निगम के अधिकारी करीब 10:15 बजे आरएम कार्यालय पहुंचे। उस समय अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने पटल पर मौजूद थे। नगर निगम की टीम ने एआरएम फाइनेंस मुकेश अग्रवाल और मुख्य लेखा अधिकारी भारत भूषण से बातचीत करते हुए अवगत कराया कि उन पर टैक्स के करोड़ों रुपये बकाया हैं। जिस पर मुख्य लेखा अधिकारी ने हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से दी जा रही सेवाएं आवश्यक सेवाओं में आती हैं।

इसी कारण उनके कार्यालय पर सीलिंग की कार्रवाई करना अनुचित होगा। नगर निगम को इस संबंध में पहले ही अवगत कराया जा चुका है। भारत भूषण के अनुसार नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें अपना काम करते रहने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि सीलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बल्कि नगर निगम के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उनका कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें धोखे में रखते हुए प्रवेश द्वार पर सीलिंग की कार्रवाई की, और अंदर मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों को कैद कर दिया।

नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी

आरएम प्रवेश द्वार पर सीलिंग की कार्रवाई के दौरान अंदर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। नगर निगम के अधिकारियों की इस मनमानी के विरोध में अंदर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने मेरठ डिपो और भैंसाली डिपो से सहयोगी कर्मचारी अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इस बीच आरएम कार्यालय पर मीडिया का जमावड़ा भी लग गया।

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आरएम कार्यालय के स्टाफ ने सीलिंग की कार्रवाई के दौरान उन्हें अंदर कैद किए जाने के विरोध में नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बाहर से अपने सहयोगियों द्वारा दिए जा रहे किसी भी प्रकार के खाने और चाय आदि को लेने से भी साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि नगर निगम जब तक सील नहीं हटती, वे भूख हड़ताल पर रहेंगे।

चार घंटे बाद हटाई गई सील

लखनऊ मुख्यालय तक फोन घनघनाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। डीएम दीपक मीणा के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने करीब चार घंटे बाद सील हटाने की कार्रवाई की। बताया गया है कि अधिकारियों से मिले आदेश के बाद दोपहर बाद करीब 2:45 बजे नगर निगम की टीम एक बार फिर आरएम आॅफिस पहुंची। टीम ने प्रवेश द्वार से सील हटाते हुए एक जंजीर डाल दी।

जिसके नीचे से होकर स्टाफ का आना-जाना शुरू हो सका, लेकिन इससे भी आरएम आॅफिस के अधिकारी और कर्मचारी संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह वापस ली जाए। आखिरकार 3:15 बजे के आसपास नगर निगम की टीम जंजीर भी खोलकर ले गई। इस बीच डीएम की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय वार्ता का दौर चलता रहा।

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