Sunday, May 26, 2024
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बिजली मीटरों की तूफानी रफ्तार उड़ा रही होश

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  • प्रतिदिन बड़ी संख्या में पीवीवीएनएल मुख्यालय में पहुंच रही शिकायत
  • स्मार्ट मीटरों की स्पीड देखकर उपभोक्ताओं के हो रहे होश फाख्ता

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बिजली मीटरों की तूफानी रफ्तार उपभोक्ताओं के होश उड़ा रही है। सबसे ज्यादा शिकायतें स्मार्ट मीटरों के अनाप-शनाप बिलों को लेकर पहुंच रही हैं। पीवीवीएनएल मुख्यालय में ऐसी शिकायतों के अंबार लग रहे हैं। जिनमें मीटर तूफानी रफ्तार के चलते अनाप-शनाप बिल पहुंच रहे हैं।

विक्टोरिया पार्क मुख्यालय में बैठने वाले अफसरों के लिए मीटरों की रफ्तार को लेकर आ रही शिकायतें अब सिरदर्द बनती जा रही हैं। ऐसा नहीं कि केवल नगरीय इलाके से ही मीटरों से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं। गांव देहात में जहां-जहां मीटर लगे हैं, वहां से भी मीटरों की रफ्तार की वजह से आ रहे अनाप-शनाप बिलोें की शिकायतें हैं।

मीटरों के झटकों से बेहाल हैं उपभोक्ता

स्मार्ट मीटर ही नहीं जिनके यहां पुराने मीटर लगे हैं वो भी अनाप-शनाप बिलों को लेकर परेशान हैं। स्मार्ट मीटर जिनके यहां लगे हैं उन्हें तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा है कि अनाप-शनाप बिलों की मुसीबत से कैसे पीछा छुड़ाएं। कुछ तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पता ही नहीं कि कहां और कैसे शिकायत की जाती है और वो बेबस होकर जो भी मीटर की कथित तकनीकि गड़बड़ियों की वजह से अनाप-शनाप बिल भेजे जा रहे हैं, उन्हें जमा कर रहे हैं।

ऐसे भुक्तभोगियों का कहना है कि इसके अलावा उन्हें कोई दूसरा रास्ता भी नजर नहीं आ रहा है। पीवीवीएनएल मुख्यालय पहुंच मीटरों की रफ्तार परेशान कुछ लोगों ने संवाददाता को बताया कि शिकायत करने के बाद भी उनके बिल दुरुस्त नहीं किए गए। शिकायती पत्र लेने वाले अफसर का कहना था कि पहले जो बिल आ गया है उसको जमा करा दो, यदि जांच में मीटर में गड़बड़ी पायी गयी तो जो भी पैसा कम होगा, वो जो अगला बिल आएगा उसमें कम कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

मीटर की खामियों की लंबी फेहरिस्त

शिकायतों की जांच की पड़ताल मेें मीटरों की खामियां सामने आने के बाद अफसर भी परेशान हैं। जांच के दौरान हजारों मीटर बैक चलने वाले पाए तो तो कुछ ऐसे थे जिनकी डिस्प्ले गायब थी या नो डिस्प्ले थे। हैरानी तो इस बात की है ये तमाम स्मार्ट मीटर अभी गारंटी पीरियेड में हैं। पश्चिमांचल की इस रिपोर्ट से पावर कॉरपोरेशन में भी हलचल मची है।

खामियाजा भुगत रहे उपभोक्ता

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आरोप लगाया कि घटिया मीटर के जरिए उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली हो रही है। कंपनियों के इलेक्ट्रॉनिक मीटर घटिया हैं। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की रिपोर्ट इसका प्रमाण दे रही है। घटिया मीटरों की खरीद का खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। उन्होंने मांग की कि जिन कंपनियों के मीटर में गड़बड़ी मिली है, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्टेड किया जाए।

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