- समाज में अराजकता और खतरा पैदा होने की थी आशंका
- अपर जिलाधिकारी ने जिला बदर के आदेश किए जारी
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने अपने न्यायालय से माह सितंबर से दिसंबर के मध्य गुंडा एक्ट में 42 अपराधियों को जिला बदर किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत ऐसे असामाजिक तत्व जिनमें समाज में अराजकता व खतरा पैदा होने की आशंका होती है, को जिला बदर का आदेश दिया है।
अपर जिलाधिकारी न्यायालय से माह सितंबर में शोएब, सूरज, सचिन ग्राम शामली, विकास, मुकेश ग्राम कमालपुर, आसिफ, आलम ग्राम कैराना, देवानंद ग्राम टिटौली को जिला बदर किया गया है। इसी तरह गत अक्टूबर में 2 मोहम्मद जैद, प्रिंस ग्राम शामली, रोहित, राहुल ग्राम हिरनवाड़ा, गय्यूर, सलमान ग्राम भड़ी भरतपुर, इमरान ग्राम बुन्टा, सोयब ग्राम बल्ला माजरा, अहमद, उस्मान, फरीद ग्राम पटनी परतापुर, जाबिर ग्राम मलकपुर, फरमान ग्राम कैराना, मोहित, राहुल ताहरपुर भभीसा, देव कुमार ग्राम खोडसमा जिला बदर किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी ने अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि गत नवंबर माह में सोनू ग्राम ऊंचागांव, प्रदीप हुरमंजपुर, विपन ग्राम ताना, कमल ग्राम कैल शिकारपुर, रिजवान हसरत, मारूफ ग्राम बुन्टा, आस मोहम्मद, रवि कुमार ग्राम हुरमजपुर, नफीस ग्राम मंसूरा, दीपक ग्राम गंगारामपुर तथा दिसंबर में नीरज ग्राम बल्हेड़ा, नीरज ग्राम मुंडेट सोनी ग्राम कांधला, नितिन ग्राम भारसी, शुभम ग्राम बेद खेड़ी, रणजीत ग्राम शामली शामला, लखविंदर ग्राम डेरा बख्शीश जिला बदर किए गए हैं।
इस प्रकार जनपद में 4 महीने के अंदर 42 अपराधियों को जिला बदर किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत ऐसे असामाजिक तत्व जिनसे समाज में अराजकता व खतरा पैदा होने की आशंका होती है, को जिला बदर किया जाता है। अगर कोई आरोपी मूल जिले में नजर आ तो जिला बदर की अवधि 6 माह और बढ़ जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में गुंडा एक्ट के तहत अभियान चलाकर मुकदमों का निस्तारण कराया गया। इसी क्रम में 42 अपराधियों को गुंडा एक्ट के अंतर्गत जिला बदर करने के आदेश दिया गया है। यह लोग 6 महीने तक अपने घर में नहीं रह सकते। ना ही अपने गृह जनपद में प्रवेश कर सकते हैं।
उन्होंने बताया ऐसे अपराधी जनपद में कहीं पर भी दिखाई दें तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित थाने को उपलब्ध करा दें। उनके द्वारा संबंधित थानों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर यह लोग जिले के अंदर कहीं पाए जाते तो तत्काल विधिक कार्यवाही की जाए।

