- फेसबुक चेटिंग कर बनाते हैं अश्लील वीडियो, फिर करते हैं ब्लैकमेल
- ठगी होने पर शर्म के मारे शिकायत तक नहीं करते यह लोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोशल साइट बुजुर्गों के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। हनीट्रैप के जाल में फंसाने वाला गैंग यहां सक्रिय है। रिटायर्ड अधिकारी, सैनिक और पत्रकार इनके निशाने पर है। साइबर सेल में ऐसी दो शिकायतें आई है। ऐसे मामलों में पूर्व में पकड़े गए गैंग पर साइबर सेल ने निगाहें रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
सरकारी सेवा से रिटायर होने वालें को मिलने वाली रकम पर ठगों की निगाह हैं। बदनामी के डर से कई मामलों में पीड़ित पुलिस के पास भी नहीं पहुंच रहे हैं। दो केस मिलने के बाद पुलिस ऐसे पीड़ितों तक भी पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करते हैं वसूली
सोशल साइट पर दोस्ती से यह जाल शुरू होता है। पहले चैट, फिर मोबाइल नंबर पर बातचीत होती है। दोस्ती बढ़ने पर होटल में मुलाकात या वीडियो चैट पर आपत्तिजनक हालत में बातचीत होती है। इसके बाद इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वसूली शुरू होती है। शहर में ऐसे गैंग की गिरफ्तारी के बाद दर्जनों शिकायते साइबर सेल को मिलीं है। पत्रकार, रिटायर्ड अधिकारी और सैनिकों के साथ वारदात को अंजाम दिया गया था। ऐसी हरकत करने वाले कई गैंग पहले पकड़े गए थे।
युवाओं को भी बना रहे निशाना
पुलिस को पहले भी ऐसी शिकायतें मिली है। जिनमें कुछयुवाओं को भी निशाना बनाया गया है। सोशल मीडिया पर उनकी युवती से मुलाकात हुई, बातचीत बढ़ने के बाद चैटिंग के माध्यम से उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई। फिर उन्हें ब्लैकमेल कर रुपये की डिमांड शुरू हुई।
शुरुआत में तो पीड़ितों ने कुछ रुपये दे दिए, लेकिन मांग बढ़ने लगी तो पीड़ित शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। कई पीड़ित तो बदनामी के डर से पुलिस के पास शिकायत लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों की भी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, जिससे गुप्त तरीके से उनकी मदद की जा सकें।

