जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलंपियन विनेश फोगाट ने खुलासा किया है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं। यह पहला मौका है जब विनेश ने खुद को इस मामले की पीड़िता बताया है।
पहचान उजागर करने की वजह
विनेश ने एक भावुक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने पहले अपनी पहचान छुपाई रखी, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है। उन्होंने बताया, “सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, लेकिन कुछ परिस्थितियों ने मुझे अब चुप्पी तोड़ने के लिए मजबूर किया।”
गोंडा टूर्नामेंट को लेकर विरोध
विनेश ने कहा कि WFI का ‘सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट’ गोंडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है, जो बृजभूषण के निजी कॉलेज में है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे माहौल में निष्पक्ष प्रतियोगिता की उम्मीद करना मुश्किल है।
महासंघ पर गंभीर आरोप
विनेश का दावा है कि भले ही बृजभूषण आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन महासंघ पर उनका प्रभाव अभी भी बना हुआ है। उन्होंने कहा, “कौन से मैच में कौन रेफरी होगा, कितने अंक मिलेंगे सब बृजभूषण और उनके लोग नियंत्रित करेंगे। सरकार और खेल मंत्रालय मूक दर्शक बने हुए हैं।”
वापसी की तैयारी और मानसिक संघर्ष
पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद 18 महीने के ब्रेक के बाद विनेश रेस्लिंग में वापसी की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में खेलना आसान नहीं होगा।
जंतर-मंतर आंदोलन में प्रमुख चेहरा
विनेश ने 2023 में जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। उनके साथ बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक सहित कई दिग्गज पहलवान भी शामिल थे।
पूर्व अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा, “अगर आरोप सही हैं, तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा।” उन्होंने विरोध प्रदर्शन के पीछे राजनीतिक कारणों का हवाला दिया।
खेल मंत्रालय पर दबाव
विनेश के खुलासे के बाद भारतीय खेल मंत्रालय और कुश्ती प्रशासन पर खिलाड़ियों की सुरक्षा, निष्पक्ष चयन प्रक्रिया और महासंघ की विश्वसनीयता को लेकर दबाव बढ़ गया है। एशियन गेम्स 2026 की तैयारी के बीच यह मामला खेल जगत में हलचल पैदा कर रहा है।

