- बसपा नेता मुनकाद अली के भाई ने शाहजहांपुर में बना रखा है आरके रिसोर्ट
- राजस्व टीम ने पैमाइश कर चिन्हित की 1700 वर्गमीटर भूमि
जनवाणी संवाददाता |
किठौर: तालाबों को कब्जामुक्त कराने की मुहिम के तहत किठौर के कस्बा शाहजहांपुर में आरके रिसोर्ट पर प्रशासन ने कार्रवाई का चाबुक चला दिया। लंबी लड़ाई और तीन दिन चली पैमाइश के बाद बुधवार को रिसोर्ट स्वामी द्वारा कब्जा हटाना शुरू कर दिया गया है।
मेरठ-गढ़ रोड पर शाहजहांपुर नहर पुल के पास पोखर नंबर-767 के किनारे वरिष्ठ बसपा नेता/पूर्व राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के भाई साजिद अली का आरके रिसोर्ट है। यह रिसोर्ट साजिद की पत्नी रिजवाना के नाम है। बताया गया कि साजिद ने तालाब की कुछ भूमि पर अवैध कब्जा कर उसको रिसोर्ट में मिला रखा था। गत दिनों सरकार द्वारा तालाब पोखरों को कब्जामुक्त कराए जाने की मुहिम के तहत एसडीएम के आदेश पर राजस्व टीम ने शाहजहांपुर पहुंचकर उक्त तालाब और रिसोर्ट की पैमाइश की तो पता चला कि तालाब की 1700 वर्गमीटर भूमि रिसोर्ट में शामिल कर ली गई है।
इस पर प्रशासन ने रिसोर्ट स्वामी रिजवाना पत्नी साजिद को तालाब को कब्जा मुक्त कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया। नगर पंचायत शाहजहांपुर भी इसे कब्जामुक्त कराने के प्रयास में लगी रही, लेकिन साजिद ने इस प्रकरण को कोर्ट में चेलेंज कर दिया। बहरहाल सोमवार को तहसीलदार आकांक्षा जोशी कानूनगो धर्मपाल सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल को लेकर किठौर पहुंची।
पुलिस को साथ लेकर राजस्व टीम ने पैमाइश शुरू कर दी। तीन दिन चली पैमाइश के बाद बुधवार को साजिद ने तालाब की भूमि से रिसोर्ट का कब्जा हटाना शुरू कर दिया है। शीघ्र ही तालाब कब्जामुक्त हो जाएगा। उधर, अधिशासी अधिकारी शाहजहांपुर जयप्रकाश का कहना है कि रिजवाना पत्नी साजिद ने पोखर के कुछ भाग पर स्थाई और कुछ अस्थाई कब्जा कर अपने रिसोर्ट में शामिल कर रखा था, जिसको हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।

