Friday, March 13, 2026
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जनपद के 38 स्टाम्प विक्रेताओं को बनाया एसीसी

  • नॉन ज्युडिशियल स्टाम्प में कूटरचना, टेम्परिंग से मिलेगी मुक्ति

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: विकास भवन में डा. केपी पांडेय, उप आयुक्त स्टाम्प की अध्यक्षता में स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें नव ई-स्टाम्प विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया गया तथा उनकी समस्याओं के निस्तारण की व्यवस्था की गई। नॉन ज्युडिशियल स्टाम्प में कूटरचना होने, टेम्परिंग होने, बैनामा कराते समय बहुत से छोटे-बड़े डिनॉमिनेशन के स्टाम्प लगने जैसे अन्य अनेक दोशों से मुक्ति के लिए सरकार ने ई-स्टाम्पिंग नीति निर्गत की गई है।

सहायक आयुक्त स्टाम्प मेरठ विजय कुमार तिवारी ने बताया कि नॉन ज्युडिशियल स्टाम्प में कूटरचना होने, टेम्परिंग होने, बैनामा कराते समय बहुत से छोटे-बड़े डिनॉमिनेशन के स्टाम्प लगने जैसे अन्य अनेक दोशों से मुक्ति के लिए ई-स्टाम्पिंग नीति निर्गत की गई है, जिसके द्वारा एक ही पृष्ठ में किसी भी धनराशि का स्टाम्प निर्गत किया जा सकता है।

इस स्टाम्प का एक विशेष आईएन नम्बर एवं बार कोड होता है जिससे धोखाधड़ी या कूटरचना नही की जा सकती, वहीं दूसरी ओर इस नीति से राज्य के राजस्व में वृद्धि हो रही है। शासन की रोजगारपरक नीति के क्रियान्वयन के लिए व ई-स्टाम्प को बढ़ावा देने के लिए कम्प्यूटर दक्ष नवयुवक-नवयुवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाना है, जिसके लिए अधित आवेदन पत्र भरकर, अपर जिलाधिकारी वित्त को देना है।

उत्तर प्रदेश स्टाम्प नियमावली, 1942 के अन्तर्गत अनुज्ञप्ति धारक स्टाम्प विक्रेताओं को ही उत्तर प्रदेश ई-स्टाम्प नियमावली, 2013 के नियम 13 के अन्तर्गत ई-स्टाम्प विक्रय के लिए प्राधित संग्रह केन्द्र (एसीसी) नियुक्त किया जा सकता है। जनपद के अन्तर्गत कुल 38 स्टाम्प विक्रेताओं को एसीसी बनाया जा चुका है, पंजाब नेशनल बैंक व अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं द्वारा ई-स्टाम्प निर्गत किया जा रहा है।

सरकार ने निबन्धन शुल्क दो प्रतिशत से घटाकर, एक प्रतिशत कर दिया है, इससे न केवल अल्प एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों की बचत हुई है, अपितु राजस्व में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा पंजीत लेखपत्रों का एक पेज का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई गई है, प्रदेश के समस्त उप निबन्धक कार्यालयों में जनता के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, निबन्धन शुल्क की आनलाइन व्यवस्था होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड द्वारा नवागंतुक ई-स्टाम्प विक्रेताओं को जोड़ा जा रहा है एवं उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

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