- तेज आधंड़ से उखड़े पेड़ व बैनर,आवाम को मिली गर्मी से राहत
- तेज आंधड़ के कारण वाहनों के पहियों पर लगे ब्रेक
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: पिछले एक माह से आसमान से बरसती आग के सितम को झेल रहे जनपद वासियों को गुरूवार शाम को उस वक्त राहत मिली जब तेज आधंड़ के साथ हल्की बारिश ने दस्तक दी। गुरूवार को शाम के वक्त तेज आधंड़ के साथ आई हल्की बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी हैं।
तेज आधंड़ के आने से हाइवे पर चल रहे वाहनोें के पहियों पर अचानक ब्रेक लग गया। वही सड़को, मार्किट एवं हाइवे पर प्रचार प्रसार को लगें होर्ड़िग्स के परखच्चे उड़ गये। आसमान से बरसती आग से बचाव को जनपद की आवाम के द्वारा घरों से निकलने से भी परहेज किया जा रहा था।
दिन निकलते ही भगवान सूर्य देव अपना विकराल रूप धारण कर आवाम को तेज धूप में झुलसा झुलसा रहे थे। सुबह के वक्त नौकरी पेशे वाले व्यक्तियों के द्वारा घर से निकलने से पूर्व ही तपती धूप से बचाव को अपने चेहरे को साफे से ढ़ाकना पड़ता हैं।
दैनिक जनवाणी से खास बात चीत में रेहड़े व्यापारियो ने बताया कि धूल भरी आंधी के कारण शाम के वक्त सड़को के किनारे पर खड़े होने वाले रेहडे़ व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ हैं। उन्होनें बताया कि धूल भरी आंधी के कारण बेचने के लिए तैयार किये गये सामान में मिटटी भरने के कारण हाजारों का नुकसान हो गया हैं।
क्या कहते है किसान
जनपद में अचानक आई तेज आंधड़ के साथ हल्की बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल में काफी नुकसान हो गया हैं। उनका कहना हैं कि खेतो गेहू की पकी हुई फसल जो काटने के बाद खेत में पड़ी हुई थी, तेज आंधी के आने से तीतर बीतर हो गयी जिसको किसानों के द्वारा इक्ट्ठा करने मे काफी मशक्कत करनी पड़ी।
क्या कहते हैं आम की खेती के व्यापारी
आम की खेती करने वाले किसानों ने दैनिक जनवाणी से खास बात चीत में बताया कि आम की फसल तैयार हो रही थी, कुछ एक पेड़ पर अभी मोल के अंदर आम बनना शुरू हो रहा था ,जो तेज आंधी के आने से झड़ गया। इसके अलावा उन्होने कहा कि इस बार आम की फसल में काफी नुकसान होने की सम्भावना लग रही हैं। आम की फसल को तैयार करने के लिए काफी खर्च भी करना पड़ा व देखभाल के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी ।
तेज आधी के कारण ग्रामीण क्षैत्रों से गायब हुई लाइट
तेज आंधी के आ जाने से ग्रामीण क्षैत्रों में बाग बानी व खेत खलिहानोे से होकर गुजर रही विद्युत लाइन के उपर पेड़ों के टूटकर गिरने ग्रामीण क्षैत्रों से विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी। वही विद्युत आपूर्ति के ठप हो जाने के कारण कई घंटे अंधेरे में बैठकर काटने पडें जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ा

